विभागीय विवाद से कॉमन मोबिलिटी कार्ड के शुरू होने में देरी
- परिवहन मंत्री और परिवहन सचिव के बीच कुछ दिन पहले हुआ था विवाद
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी के ट्रांसपोर्ट सिस्टम को हाईटेक और सुविधाजनक बनाने के लिए कॉमन मोबिलिटी कार्ड स्कीम और मल्टी-फंक्शनल ट्रांसपोर्ट एप्लीकेशन के शुरू होने में और देरी हो सकती है। दिल्ली ट्रांसपोर्ट विभाग के अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत और ट्रांसपोर्ट सचिव वर्षा जोशी के बीच गत दिनों हुए विवाद को इसकी वजह बताई जा रही है। योजना को अगस्त के पहले सप्ताह में शुरू होना था।
इसके तहत 1650 क्लस्टर बसों और 3965 डीटीसी बसों में इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग डिवाइस लगाई जा चुकी है। पिछले साल सितंबर में 100 बसों में कार्ड का ट्रायल शुरू हुआ था। मुख्यमंत्री केजरीवाल ने जनवरी 2018 में 250 बसों में इस कार्ड के ट्रायल को हरी झंडी दिखाई थी। कार्ड के प्रयोग के लिए कंडक्टरों को भी प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
ट्रांसपोर्ट विभाग के अधिकारी ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि कॉमन मोबिलिटी कार्ड स्कीम का ट्रायल पूरा हो चुका है। परिवहन मंत्री और ट्रांसपोर्ट सचिव के बीच नई बसों की खरीद और बुराड़ी ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी में भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर हुए विवाद के कारण परिस्थितियां बदल गई हैं। इसकी वजह से अब योजना शुरू करने की तिथि निर्धारित होने का इंतजार किया जा रहा है। हाल ही में ट्रांसपोर्ट विभाग एसोसिएशन ने परिवहन मंत्री पर परिवहन सचिव से दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए कहा था कि मंत्री को माफी मांगनी चाहिए।