अब प्रोफेशनल कोर्स की पढ़ाई करवाने से पहले विश्वविद्यालयों को ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) और राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) से भी मंजूरी लेनी होगी। यूजीसी ने ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग के दाखिला नियमों में बदलाव कर दिया है। नए नियम 2018-19 से लागू होंगे। खास बात यह है कि अब ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग से पढ़ाई के लिए भी नैक मान्यता जरूरी होगी।
यूजीसी सचिव प्रो. रजनीश जैन के मुताबिक, ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग में पहले प्रोफेशनल कोर्स की पढ़ाई के लिए एआईसीटीई और एनसीटीई की मंजूरी जरूरी नहीं थी। यूजीसी के स्तर पर उक्त कोर्स की पढ़ाई की मंजूरी दी जाती थी।
यूजीसी काउंसिल की दो अगस्त को आयोजित बैठक में ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग मोड के दाखिला नियमों में बदलाव किया गया है। अब ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग से एमबीए, एमसीए, बीएड, एमएड, बीएड (स्पेशल एजुकेशन), एमएड (स्पेशल एजुकेशन), होटल मैनेजमेंट, ट्रैवल, टूरिज्म व मैनेजमेंट प्रोग्राम में एआईसीटीई व एनसीटीई की मंजूरी लेनी होगी।
यूजीसी ने विश्वविद्यालयों में ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग के तहत ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन डिग्री प्रोग्राम के नियमों में बदलाव व दाखिले की अनुमति दी है, जबकि सर्टिफिकेट, डिप्लोमा व पीजी डिप्लोमा प्रोग्राम मामले में फैसला नहीं हुआ है। इसलिए फिलहाल ग्रेजुएशन व पोस्ट ग्रेजुएशन डिग्री प्रोग्राम की पढ़ाई की अनुमति ही दी गई है। ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग मोड के तहत दाखिला विंडो एक अक्टूबर तक बंद हो जाएगी।
तीन महीने में नैक की मान्यता लेनी जरूरी
ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग से पढ़ाई करवाने वाले संस्थानों को तीन महीने के अंदर नैक मान्यता लेनी जरूरी होगी। यदि कोई नैक मान्यता नहीं लेता है तो उसे इस सत्र से ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग की पढ़ाई की अनुमति नहीं मिलेगी।
निजी विश्वविद्यालयों में प्रोफेशनल प्रोग्राम नहीं
नए नियम के तहत जिन निजी विश्वविद्यालयों में उक्त प्रोफेशनल प्रोग्राम की पढ़ाई पिछले पांच साल से रैगुलर मोड से नहीं करवाई जा रही है, वहां प्रोफेशनल प्रोग्राम की पढ़ाई भी नहीं होगी।