फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

केंद्र सरकार के मॉडल पर दिल्ली में बनेगा न्यूनतम मजदूरी कानून

विज्ञापन
विज्ञापन
केंद्र सरकार के मॉडल पर दिल्ली में बनेगा न्यूनतम मजदूरी कानून
विज्ञापन

- श्रम मंत्री ने ली बैठक, नियोक्ताओं व ट्रेड यूनियन के प्रतिनिधियों की बनेगी कमेटी
- हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने के बारे में 14 अगस्त को लिया जाएगा फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली । दिल्ली सरकार न्यूनतम मजदूरी पर केंद्र सरकार के मॉडल को स्वीकार करेगी। सरकार का दावा है कि दिल्ली के मजदूरों की आर्थिक स्थिति बेहतर करने के लिए सभी विकल्पों पर काम हो रहा है। सरकार न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने के दिल्ली सरकार के फैसले पर रोक लगाने के हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील पर 14 अगस्त को फैसला करेगी।
श्रम मंत्री गोपाल राय ने ट्रेड यूनियन के साथ बैठक करने के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली सरकार ने मार्च में न्यूनतम वेतन बढ़ाने का फैसला लिया था। बाद में अगले महीने अप्रैल में केंद्र सरकार ने भी कमोवेश इसी तरह न्यूनतम मजदूरी बढ़ाई थी। लेकिन हाईकोर्ट ने सरकार के फैसले पर रोक लगा दी थी। बैठक में ट्रेड यूनियन ने हाईकोर्ट के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
विज्ञापन
विज्ञापन

गोपाल राय के मुताबिक, बैठक में फैसला लिया गया कि केंद्र ने जिस न्यूनतम मजदूरी कानून को लागू किया है, उसी आधार पर इसे दिल्ली में लागू किया जाएगा। इसके लिए एक कमेटी बनेगी। इसमें 10-10 प्रतिनिधि मजदूर संगठन और नियोक्ताओं की तरफ से होंगे। प्रस्ताव बनाने के 2 महीने तक जनता की राय ली जाएगी। 14 अगस्त को 12 बजे फिर से दिल्ली सचिवालय में बैठक बुलाई गई है। इसमें तय किया जाएगा कि हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाए या नहीं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें