मानसून के कारण दिल्ली में बढ़े मच्छरों के आतंक को लेकर दिल्ली सकार ने अस्पतालों के लिए एडवाइजरी जारी कर दी है। इसके तहत बुखार के मरीज को उपचार देने से कोई भी अस्पताल इंकार नहीं कर सकता। साथ ही अगर अस्पताल मरीज को रेफर करता है तो उसे एंबुलेंस का इंतजाम करना होगा।
एंबुलेंस में बाकायदा एक डॉक्टर भी रहना अनिवार्य है। जिस अस्पताल में मरीज को रेफर किया जाना है, वहां के मुख्य चिकित्सा अधिकारी से संपर्क करना भी जरूरी है।
एडवाइजरी के तहत अस्पतालों में बिस्तरों की क्षमता 20 फीसदी तक आरक्षित करने के निर्देश भी दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 1 अगस्त से 31 अक्तूबर तक इन निर्देशों का दिल्ली के सभी अस्पतालों को पालन करना पड़ेगा।
निजी अस्पताल और नर्सिंग होम किसी भी बुखार के मरीज के इलाज से इंकार नहीं कर सकते हैं। जरूरत पड़ने पर ही मरीज को संबंधित अस्पताल अपने से बड़े अस्पताल को मरीज रेफर कर सकता है, लेकिन इसके लिए पूरे इंतजाम भी उस अस्पताल को करने पड़ेंगे।
स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक डॉ. कीर्ति भूषण का कहना है कि बीते दिनों स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने एक बैठक के दौरान बुखार के मरीजों को लेकर ये निर्देश दिए थे। दिल्ली में हर वर्ष मच्छर जनित बीमारियों की वजह से हजारों लोग चपेट में आते हैं।
कई बार उपचार न मिलने की वजह से मरीज की मौत तक होने की शिकायतें मिलती हैं। इसके अलावा कई बार खासतौर पर सरकारी अस्पतालों में एक बेड पर कई मरीज होने की खबरें मिलती हैं। इसलिए दिल्ली सरकार ने एक मरीज एक बेड ही रखने के निर्देश भी दिए हैं।