दिल्ली सरकार के आदेश से दुविधा में निजी स्कूल
- स्कूलों में रेन वॉटर हॉरवेस्टिंग सिस्टम लगाने का मामला
-सरकार ने राष्ट्रीय हरित अभिकरण के आदेश को नकारा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) ने दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय के अंतर्गत चलने वाले स्कूलों में रेन वॉटर हॉरवेस्टिंग सिस्टम बनाना अनिवार्य किया था। लेकिन 25 जुलाई को दिल्ली सरकार ने एक आदेश में कहा है कि 500 मीटर से कम के प्लाटों, भवनों में रेन वॉटर हारवेस्टिंग अनिवार्य करने से मना कर दिया है। ऐसे में अब निजी स्कूल प्रबंधन दुविधा में हैं। इस संबंध में स्कूलों की ओर से दिल्ली सरकार को भी पत्र लिखा गया है। स्कूलों की ओर से सरकार से इस मामले पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया है।
दिल्ली स्टेट पब्लिक स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन अध्यक्ष आरसी जैन ने बताया कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल के आदेश के आधार पर 15 जनवरी 2018 तक रेन वॉटर हारवेस्टिंग बनाना जरूरी था। उसके बाद आदेश का पालन नहीं करने वाले ना करने वाले स्कूलों पर पांच लाख का जुर्माना लगाने का आदेश दिया था। एसोसिएशन की ओर से 12 जनवरी 2018 को नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल में सुधार के लिए गुहार लगाई कि दिल्ली जल बोर्ड के अनुसार 500 मीटर से कम के स्कूलों में, यमुना के नजदीकी क्षेत्रों में जहां पानी का स्तर ऊंचा हैं, वहां पर रेन वॉटर हॉरवेस्टिंग नहीं होनी चाहिए। इस पर अब तक कोई फैसला नहीं आया है। लेकिन अब दिल्ली सरकार के 25 जुलाई को आए आदेश से स्कूल प्रबंधन दुविधा में हैं। स्कूलों का सवाल है कि वह यदि रेन वाटर हारवेस्टिंग नहीं बनाते तो क्या रनेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल के पांच लाख रुपये के जुर्माने से बचा जा सकता है। आर.सी जैन ने दिल्ली सरकार से मांग की है कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण में अपनी बात रखते हुए स्कूलों के लिए स्थिति स्पष्ट करें।