दिल्ली के कई अस्पतालों में
रैबीज का इंजेक्शन नहीं
- मरीजों को हो रही परेशानी, दिल्ली में रैबीज से मौत की दर 100 फीसदी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सहित देश भर में हर वर्ष सैकड़ों लोग रैबीज संक्रमण की वजह से मौत के शिकार हो रहे हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों की मानें तो वर्ष 2017 में देश भर में रैबीज से 99 लोगों की मौत हुई है। वहीं दिल्ली में इस संक्रमण के चलते मृत्युदर 100 फीसदी है। ऐसे में लोगों को रैबीज से बचा पाने में राजधानी के अस्पताल फेल साबित हो रहे हैं। दिल्ली सरकार के कई अस्पतालों में रैबीज संक्रमण से बचाव के लिए टीका उपलब्ध नहीं है। डॉक्टरों की मानें तो अस्पताल में एक दिन में कुत्ते या अन्य पशु के काटने के लगभग 60 मरीज आते थे, लेकिन जब से इंजेक्शन खत्म हुए हैं तब से जो मरीज आता है, उसे वापिस लौटा दिया जाता है। अब आलम यह है कि मरीजों ने आना ही बंद कर दिया है क्योंकि उन्हें आसपास पड़ोस से ही पता चल जाता है कि डीडीयू में रेबीज इंजेक्शन खत्म हैं। इस मामले में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भी संतुष्ट जवाब नहीं दिया है। उनका कहना है कि रैबीज इंजेक्शन को लेकर जल्द ही सभी अस्पतालों से ब्योरा मांगा जाएगा।
मरीज रैबीज इंजेक्शन के लिए परेशान
प्राप्त जानकारी के अनुसार हरीनगर स्थित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल (डीडीयू) में काफी समय से मरीज रैबीज इंजेक्शन के लिए परेशान हैं। मरीजों को निराश होकर ही वापिस लौटना पड़ रहा है। अस्पताल के एक रेजीडेंट डॉक्टर के मुताबिक अस्पताल में पिछले तीन महीनों से रेबीज के इंजेक्शन खत्म हैं। इसे लेकर कई बार शिकायत की गई। रैबीज इंजेक्शन खत्म होने की सूचना भी तीन महीने पहले ही दे दी गई थी, लेकिन अभी तक वहां से अस्पताल में यह इंजेक्शन सप्लाई नहीं किए गए हैं। वहीं कुछ ही दूरी पर गुरु गोबिंद सिंह अस्पताल है जो डीडीयू के मुकाबले काफी छोटा है, लेकिन वहां रेबीज इंजेक्शन की सुविधा है। ठीक इसी तरह पश्चिम दिल्ली के बाबा भीमराव अंबेडकर अस्पताल, पूर्वी दिल्ली के जीटीबी, डॉ. हेडगेवार सहित कई अस्पतालों में ये इंजेक्शन उपलब्ध नहीं है।