राशन घोटाले के कागजात
गृह मंत्री को सौंपेगी भाजपा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने दिल्ली सरकार पर राशन घोटाला करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि फर्जी राशन कार्ड को रद्द करने में सरकार ने देरी की। इसके पीछे मंशा राशन माफिया को खुली लूट की छूट देना थी। गुप्ता ने मामले की सीबीआई जांच की मांग करते हुए बताया कि जल्द ही भाजपा विधायक दल केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मिलकर घोटाले के दस्तावेज सौंपेगा।
गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार ने 2,93,000 फर्जी राशन कार्डों को निरस्त करने में जानबूझकर देरी की। इन फर्जी राशन कार्डों पर प्रतिवर्ष करीब 150 करोड़ रुपये का गेहूं-चावल लूटा गया। 2013 से अब तक पांच वर्षों मे इन फर्जी राशन कार्डों से 750 करोड़ रुपये के अनाज का घोटाला हुआ। इसके बाद इन राशन कार्डों को रद्द किया गया है। जब दिल्ली सरकार को जानकारी थी कि राशन में घोटाला हो रहा है तो दिल्ली सरकार के खाद्य मंत्री इमरान हुसैन ने मार्च 2018 में लिखित आदेश जारी कर इन फर्जी राशन कार्डों को रद्द करने पर रोक क्यों लगाई थी। इन सब पहलुओं पर सीबीआई जांच होनी चाहिए। केंद्र सरकार के राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत दिल्ली मे 19 लाख 50 हजार राशन कार्डों के माध्यम से 73 लाख गरीबों को हर महीने प्रति व्यक्ति 2 रुपये प्रति किलो दर से 4 किलो गेहूं और 3 रुपये प्रति किलो की दर से 1 किलो चावल की आपूर्ति की जाती थी। वास्तविकता में गेहूं का बाजार भाव 24 रुपये प्रति किलो व चावल का बाजार भाव 32 रुपये प्रति किलो था। गुप्ता ने कहा कि केजरीवाल सरकार ने साजिश के तहत इस भ्रष्टाचार में शामिल राशन माफिया को फायदा पहुंचाने के लिए फर्जी राशन कार्डों पर करोड़ों की लूट जारी रखी।