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एमफिल-पीएचडी में दाखिले के लिए साक्षात्कार प्रक्रिया रद

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एमफिल-पीएचडी में दाखिले के लिए साक्षात्कार प्रक्रिया रद्द
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डीयू : क्राइटेरिया बदले जाने का हो रहा विरोध

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय में एमफिल-पीएचडी में दाखिले के लिए क्राइटेरिया बदले जाने के विरोध के चलते इन दोनों कोर्स के लिए साक्षात्कार प्रक्रिया को अगले आदेश तक रद्द कर दिया गया है। इस तरह से सभी विभागों में एमफसिल-पीएचडी के लिए साक्षात्कार नहीं होंगे। दरअसल एमफिल-पीएचडी में इस साल नए क्राइटेरिया शामिल किए जाने के कारण दाखिले के लिए हुई प्रवेश परीक्षा के रिजल्ट काफी खराब आए हैं। इतिहास विभाग में भी छात्रों ने क्राइटेरिया बदले जाने को लेकर हंगामा किया था। बाद में छात्र राहत के लिए कोर्ट पहुंच गए।
दिल्ली विश्वविद्यालय में एमफिल-पीएचडी के 157 पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए 17 जून से 22 जून तक ऑल इंडिया स्तर पर प्रवेश परीक्षा हुई थी। बताया जा रहा है कि 157 पाठ्यक्रमों के लिए जितनी सीटें हैं, उसके आधे छात्रों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है और वह असफल रहे हैं। पीएचडी में लगभग 200 व एमफिल में लगभग 700 सीटें हैं।
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यूजीसी ने इस साल से एमफिल-पीएचडी की प्रवेश परीक्षा में 50 फीसदी अंक अनिवार्य किए हैं। यह नियम सभी श्रेणियों के लिए हैं। बीते साल तक सभी श्रेणियों को प्रवेश परीक्षा में पांच फीसदी की छूट मिलती थी, लेकिन इस बार इस छूट के न मिलने के कारण बड़ी संख्या में छात्र फेल हो गए। 25 जुलाई को इतिहास विभाग में इसी कारण हंगामा किया था। 26 जुलाई को छात्र कोर्ट चले गए और अब मामला कोर्ट में है। 17 जुलाई को इतिहास विभाग ने साक्षात्कार के लिए जो सूची जारी की, उसमें सामान्य श्रेणी के लिए 78, ओबीसी के लिए 54, एससी के लिए 53 और एसटी के लिए 48 अंक निर्धारित किए थे।
इन्हीं के आधार पर उन्हें साक्षात्कार के लिए योग्य पाया गया था, लेकिन 23 जुलाई को नई अधिसूचना जारी की गई, जिसमें सभी श्रेणियों के लिए प्रवेश परीक्षा में 50 फीसदी अंकों को अनिवार्य कर दिया गया। इसको लेकर छात्रों ने कुलपति से भी राहत की गुहार लगाई थी। उल्लेखनीय है कि पहले से तय शेड्यूल के मुताबिक प्रशासन को 14 अगस्त तक एमफिल-पीएचडी की दाखिला प्रक्रिया पूरी करनी है।
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एलएलबी : आरक्षित श्रेणी वाले अनारक्षित श्रेणी में ले सकते हैं दाखिला
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय में एलएलबी में दाखिले के लिए आरक्षित श्रेणी (ओबीसी, एससी, एसटी) के अंतर्गत आने वाले छात्र अनारक्षित श्रेणी में भी दाखिला ले सकते हैं। डीयू की फैकल्टी ऑफ लॉ की ओर से एक नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में कहा गया है कि ओबीसी, एससी और एसटी के वह छात्र जिन्होंने अनारक्षित श्रेणी के छात्र के बराबर अंक प्राप्त किए हैं, तो वह चाहें तो अनारक्षित श्रेणी या फिर अपनी आरक्षित श्रेणी के तहत दाखिला ले सकते हैं। हालांकि इसके लिए उन्हें अलग से आवेदन करना होगा। इसके बाद श्रेणी में बदलाव नहीं होगा। लॉ सेंटर का आवंटन उनके श्रेणी के चुनाव के आधार पर किया जाएगा।


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