फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

16500 वर्ग मीटर क्षेत्र में बन रहे थे 82 प्लॉट पर टॉवर

विज्ञापन
विज्ञापन
अधिग्रहण रद्द होने के बाद भी ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में शाहबेरी गांव की भूमि आती थी। इसके बाद भी यदि उस पर व्यावसायिक उपयोग के लिए निर्माण कार्य किया जा रहा था तो उस पर तत्काल रोक लगाई या बिना किसी नोटिस के इमारतों को ढहाया जा सकता था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। खामियाजा यह कि ऐसी बड़ी संख्या में घटिया निर्माण वाली इमारतें हादसे के इंतजार में खड़ी हो गईं। खसरा नंबर पांच में 16,500 वर्ग मीटर क्षेत्र में करीब 82 छोटे-बड़े प्लॉट काटकर उन पर इमारतें बनाई जा रही हैं।
विज्ञापन

दादरी तहसीलदार पीएल मौर्या ने बताया कि तहसील के अंतर्गत आने वाले शाहबेरी गांव में खसरा नंबर पांच की भूमि 1962 से एक मुस्लिम परिवार के तीन भाइयों के नाम पर दर्ज थी जिसके बाद 150 से 200 वर्ग मीटर के बीच 82 छोटे-छोटे प्लाटों के रूप में यह भूमि अलग-अलग लोगों को बेच दी गई। खास बात यह रही कि अधिग्रहण रद्द होने के बाद प्लाट मालिकों ने बिल्डरों को प्लॉट बेच दिए और यहां पर छह से सात मंजिल तक की इमारतें बिना मानकों के बना दी गईं। इस पर भी इमारतें इतनी संकरी-सकरी गलियों में बनाई गई हैं कि सभी मानकों की धज्जियां उड़ा दी गईं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें