अब ठेका कर्मचारियों का सरकार करेगी सीधा अनुबंध
- 20 हजार करोड़ के घोटाले पर श्रम मंत्री ने लिया संज्ञान
- सीबीआई जांच के लिए कुछ ही दिन पहले हुई है शिकायत
- अमर उजाला ने प्रकाशित की थी खबर
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में तैनात ठेका कर्मचारियों के मामले में करीब 20 हजार करोड़ रुपये के घोटाले का खुलासा होनेे के बाद दिल्ली सरकार ने ऐसे कर्मचारियों की सुध ली है। बृहस्पतिवार को श्रम मंत्री ने कांट्रैक्ट लेबर एडवाइजरी की बोर्ड बैठक में निर्देश दिया कि ऐसे कर्मचारियों का कांट्रैक्ट सरकार के अधीन बनाई जाए।
बृहस्पतिवार को श्रम मंत्री ने भी इस गड़बड़झाले पर सहमति जताई। मंत्री गोपाल राय की अध्यक्षता वाली कॉट्रैक्ट लेबर एडवाइजरी बोर्ड की बैठक में ठेके कर्मचारियों का सरकार से सीधा अनुबंध करने का फैसला लिया गया। बैठक में बोर्ड ने स्वीकार किया है कि आउटसोर्सिंग के मौजूदा तरीके में कर्मचारियों हालत ठीक नहीं है।
बता दें कि कुछ ही दिन पहले दिल्ली सरकार के एक अस्पताल में तैनात वरिष्ठ डॉक्टर ने मुख्य सचिव सहित मुख्य सतर्कता आयोग के चेयरमैन को शिकायत में 20 हजार करोड़ के भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर इसकी जांच कराने की मांग की थी। 12 जुलाई को अमर उजाला ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित भी किया था। इस शिकायत के अनुसार 34 अस्पतालों में सुरक्षा, स्वच्छता, नर्सिंग अर्दली, चौकीदार, डाटा एंट्री ऑपरेटर, चालक, पेस्ट कंट्रोल के तौर पर हजारों कर्मचारी तैनात हैं। नियमानुसार इन्हें आठ घंटे की ड्यूटी के लिए साप्ताहिक अवकाश, न्यूनतम वेतन, ईपीएफ और ईएसआईसी की सुविधा मिलनी चाहिए। इसके साथ ही इनका वेतन बैंक खाते में आना चाहिए, जबकि कर्मचारियों को ईपीएफ व ईएसआईसी की सुविधा नहीं मिल रही है।