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आंख का ऑपरेशन न करने पर सीएम ने दिए जांच के आदेश

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आंख का ऑपरेशन न करने पर
सीएम ने दिए जांच के आदेश
- दिल्ली सरकार के गुरु नानक नेत्र अस्पताल का मामला
- मरीज ने डॉक्टरों पर लगाया ओटी में छह घंटे बेवजह रखने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आंख का ऑपरेशन करने के मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने संज्ञान लेते हुए तत्काल उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं। बुधवार को स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को निर्देश देते हुए कहा कि गुरु नानक नेत्र चिकित्सालय में डॉक्टरों की मनमानी की सच्चाई का पता जल्द से जल्द लगाया जाए। दिल्ली स्वास्थ्य विभाग ने भी तत्काल कार्रवाई करते हुए अस्पताल प्रबंधन से लिखित जवाब मांगा है।
दरअसल, कुछ दिन पहले गुरुग्राम की एक कंपनी के कर्मचारी अजीम अख्तर ने आरोप लगाया था कि उसकी दाहिनी आंख की रोशनी जा चुकी है। बायीं आंख से उसे 50 फीसदी ही दिखता है। गुरु नानक नेत्र चिकित्सालय में डॉक्टरों ने उसे सोमवार को ऑपरेशन के लिए बुलाया। सुबह करीब 8 बजे ऑपरेशन थिएटर में ले गए और करीब 2 बजे थिएटर से बाहर निकाल दिया। करीब छह घंटे तक ऑपरेशन थियेटर में रखने के बाद दोबारा अस्पताल आने की सलाह दी। इस पर जब मरीज ने विरोध किया तो उसे अस्पताल से बाहर निकाल दिया। उन्होंने जब सवाल पूछा तो डॉक्टर ने कहा आपके परिजनों ने मेडिकल स्टोर में हंगामा किया है। अब आपका ऑपरेशन नहीं होगा।
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भाई अरशद जमाल का आरोप है कि अस्पताल ने उनसे करीब 5 हजार रुपये के डाई और बैंडेज कांटेक्ट लेंस बाहर से लाने को कहा था। जिस दुकान से सामान खरीदने गए उस दुकानदार से बिल मांगा तो उसने नहीं दिया। जब अस्पताल आए तो कहा गया कि दुकान पर हंगामा किया, इसलिए ऑपरेशन नहीं होगा।
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मरीज को एक डाई और एक बैंडेज कांटेक्ट लेंस बाहर से लाने को कहा क्योंकि हमारे यहां उपलब्ध नहीं था। जिस तरह से मरीज और उनके परिजन पूरे मामले को बता रहे हैं, वास्तविकता में ऐसा कुछ नहीं है।
- डॉॅ. कमलेश, निदेशक, गुरु नानक अस्पताल
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