कुलपति और कवाथा गांव पर सरकार को घेरा
- मणिपुर स्टूडेंट एसो ने शास्त्री भवन के बाहर विरोध जताकर किया प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। कुलपति प्रो. आद्या प्रसाद पांडे और कवाथ गांव समेत अन्य मुद्दों को लेकर मणिपुर स्टूडेंट एसोसिएशन ने बुधवार को दिल्ली में केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि दिल्ली में मणिपुर वासियों की राय लिए बगैर फैसले लिए जा रहे हैं, जिसका खामियाजा मूल निवासी भुगत रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने कुलपति प्रो. आद्या प्रसाद पांडे को हटाने की मांग की है।
शास्त्री भवन स्थित मानव संसाधन विकास मंत्रालय के बाहर मणिपुर स्टूडेंट एसोसिएशन की अध्यक्षता में दिल्ली एसोसिएशन ऑफ मणिपुर मुस्लिम स्टूडेंट, यूनाइटेड काकचिंग स्टूडेंट दिल्ली, जेएसी अंगेस्ट द सेसैशन ऑफ लैंड टू म्यंमार बॉय द गवर्नमेंट ऑफ इंडिया से जुड़े सदस्यों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मणिपुर विश्वविद्यालय में तीन माह से शिक्षण कार्य प्रभावित है, जिसका मुख्य कारण कुलपति प्रो. आद्या प्रसाद पांडे है। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के प्रो. पांडे को कुलपति बनाकर मणिपुर भेज दिया गया। विश्वविद्यालय में मनमाने ढंग से फैसले लिए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने कवाथा गांव में जमीन के सौदे पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि 70 घरों के लोगों को दूसरी जगह रहने का इंतजाम किए बगैर फैसले लिए गए हैं।
पिछले हफ्ते मणिपुर राज्य सरकार ने अपनी स्ट्टेस रिपोर्ट में केंद्र सरकार से कुलपति को हटाने की मांग रखी है। राज्य सरकार की मांग है कि मणिपुर विश्वविद्यालय कैंपस की हालत सुधारने के लिए कुलपति प्रो. आद्या प्रसाद को छुट्टी पर भेजते हुए एक जांच कमेटी बनायी जाए, ताकि स्थिति का सही रिपोर्ट मिल सके।