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उपराज्यपाल ने दास व स्टेनो के कैडर पुनर्गठन को सैद्धांतिक मंजूरी

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दास-स्टेनो के कैडर पुनर्गठन को सैद्धांतिक मंजूरी
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अंतिम मंजूरी से पहले फाइल केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली प्रशासनिक अधीनस्थ सेवाएं (दास) और स्टेनो के कैडर पुनर्गठन को उपराज्यपाल अनिल बैजल ने सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। वहीं, अंतिम मंजूरी देने से पहले इसकी फाइल केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेज दी गई है। उधर, उपराज्यपाल के फैसले का दास कैडर एसोसिएशन ने विरोध किया है। आम आदमी पार्टी (आप) ने इस मसले में एक बार फिर उपराज्यपाल के क्षेत्राधिकार पर सवाल उठाया है।
दरअसल, दास कैडर के अधिकारी लंबे समय से कैडर पुनर्गठन की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे। इस पर उपराज्यपाल ने वित्त सचिव एसएन सहाय की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया। कमेटी ने फरवरी में उपराज्यपाल को रिपोर्ट सौंपते हुए सिफारिश की कि ज्वाइंट सेक्रेटरी व एडिशनल सेक्रेटरी के 650 नए पद सृजित होने चाहिए। इससे दास कैडर के ग्रेड-एक व दो के अधिकारियों को प्रमोशन मिल सकेगा।
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उपराज्यपाल ने सोमवार को संविधान के अनुच्छेद-309 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए कैडर पुनर्गठन को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। वहीं, अतिरिक्त पद सृजित करने की फाइल गृह मंत्रालय को भेज दी है। गृह मंत्रालय की मंजूरी के बाद ही नए पदों के सृजन का रास्ता खुलेगा।

आप ने उपराज्यपाल के क्षेत्राधिकार पर उठाया सवाल
आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता व विधायक सौरभ भारद्वाज के मुताबिक, उपराज्यपाल अवैध तरीके से सर्विसेज पर कब्जा जमाए हुए हैं। वह दिल्ली सरकार के अधिकारों में हस्तक्षेप कर रहे हैं। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि उपराज्यपाल संवैधानिक पीठ का मखौल उड़ा रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय एलजी के जरिये दिल्ली के अधिकारियों के कामकाज को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली सरकार के दास व स्टेनोग्राफर को अतिरिक्त सचिव पद तक प्रमोशन देने का प्रस्ताव था। वहीं, इन्हें दानिक्स कैडर से डी लिंक करके कैडर बनाने के हक में था, मगर उपराज्यपाल के आदेश से यह संभव नहीं है।
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उपराज्यपाल के फैसले पर दास कैडर ने जताया रोष
दिल्ली सरकार कर्मचारी संगठन एलजी के फैसले से संतुष्ट नहीं है। एसोसिएशन का कहना है कि उपराज्यपाल के आदेश से दास कैडर में फूट पड़ने की संभावना है। इसका थोड़ा फायदा ग्रेड-तीन व चार के क्लर्क स्टाफ को मिलेगा, जबकि दानिक्स कैडर में प्रमोशन की आस लगाए बैठे दास कैडर के ग्रेड-एक व दो के अधिकारियों को कुछ नहीं मिलेगा। एसोसिएशन के अध्यक्ष डीएन सिंह का कहना है कि उपराज्यपाल को फाइल गृह मंत्रालय भेजने की जरूरत नहीं थी। ऐसा करके उन्होंने मसले को अधर में लटका दिया है। उन्होंने कहा कि उपराज्यपाल के फैसले को वह अदालत में चुनौती देंगे। वहीं, सुप्रीम कोर्ट से अपील की जाएगी कि सर्विस से जुड़े मसले को सुन रही नियमित बेंच एसोसिएशन को भी पार्टी बनाए।


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