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अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति का केंद्र सरकार पर आरोप

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अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति ने भरी हुंकार
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- खरीफ फसल के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि को बताया नाकाफी
- स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिशों से कोसों दूर है मूल्य बढ़ोतरी

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति केंद्र सरकार के खरीफ फसल के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि को नाकाफी बताकर किसानों के साथ धोखा करार दिया है। इसके विरोध में समिति देशव्यापी आंदोलन चलाएगी। साथ ही 30 नवंबर को दिल्ली में धरना प्रदर्शन करेगी।
अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति ने सामान्य परिषद की सभा की बैठक में समर्थन मूल्य के संबंध में रणनीति का खुलासा किया। समिति के संयोजक वीएम सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर किसानों के साथ धोखा करने का आरोप लगाया। समिति इस धोखा को देश के किसानों के सामने रखने का फैसला किया है। समिति के सदस्य 30 नवंबर को वह दिल्ली में धरना प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री वास्तव में किसानों को उनका हक देना चाहते है तो 20 जुलाई को संसद में आने वाले समिति की ओर से तैयार दो निजी विधेयकों को सरकारी विधेयक मान कर पास कराएं। यह किसान ऋण मुक्ति विधेयक और किसान (कृषि उत्पाद लाभकारी मूल्य गारंटी) अधिकार विधेयक से ही किसानों की समस्त समस्याओं का समाधान हो जाएगा।
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उधर समिति के प्रमुख सदस्य योगेंद्र यादव ने समर्थन मूल्य बढ़ाने के बाद केंद्र सरकार की ओर से किसानों के साथ किया गया वायदा पूरा करने, पहली बार किसानों को हक मिलने और किसानों को बहुत बड़ा तोहफा देने के किए गए दावों को खारिज किया। उन्होंने स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिश के मुकाबले समर्थन मूल्य में बढ़ोत्तरी को नाकाफी बताया।
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