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अब वकीलों की फीस भुगतान पर खड़ा हुआ विवाद

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वकीलों की फीस के भुगतान पर विवाद
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अधिकारियों ने उपराज्यपाल की मंजूरी को बताया जरूरी
- मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री ने उठाया सवाल, कहा, संवैधानिक पीठ के फैसले की अवमानना
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार और अधिकारियों के बीच वकीलों की फीस के भुगतान पर नया विवाद शुरू हो गया है। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का कहना है कि सरकार की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में खड़े होने वाले वकीलों का बिल मंजूर करने से अधिकारी मना कर रहे हैं। वहीं, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए सवाल किया कि क्या यह सही है कि सुप्रीम कोर्ट में केस हार जाने के बाद केंद्र सरकार अधिकारियों पर दबाव डालकर दिल्ली सरकार के वकीलों का भुगतान रुकवा सकती है?
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दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में मामले की पैरवी के लिए वरिष्ठ वकीलों को उतारा था। अब जब उनके वेतन के भुगतान का सवाल आया तो सामान्य प्रशासन व वित्त विभाग ने फाइल उपराज्यपाल की इजाजत के लिए आगे बढ़ा दी है। अधिकारी केंद्रीय गृह मंत्रालय के नोटिफिकेशन का हवाला देते हुए भुगतान से पहले उपराज्यपाल की मंजूरी को जरूरी बता रहे हैं। वहीं, दिल्ली सरकार ने दोनों विभागों की आपत्तियों को सिरे से नकारते हुए आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार व भाजपा के इशारे पर अधिकारी संवैधानिक पीठ के फैसले की अवमानना कर रहे हैं। फीस का भुगतान उपराज्यपाल के लिए आरक्षित तीन विषयों में शामिल नहीं है। सरकार ने वरिष्ठ वकीलों की फीस पर उठाई गई आपत्तियों को गैरकानूनी करार दिया है।
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