बिना क्यूआरकोड के नहीं चलेंगे ऑटो, रूट भी होंगे तय
नोएडा। शहर की सड़कों पर बेलगाम दौड़ रहे ऑटो चालकों से निपटने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने एक्शन प्लान तैयार कर लिया है। परमिट के आधार पर ऑटो के रूट निर्धारित किए जाएंगे। महिलाओं का सफर सुरक्षित बनाने के लिए हर ऑटो को क्यूआर (क्विक रिस्पांस) कोड दिए जाएंगे। बुधवार को सीओ ट्रैफिक ने ऑटो चालक यूनियन की बैठक लेकर इस संबंध में दिशा-निर्देश दिए। यूनियन को सोमवार तक ऑटो मालिकों व चालकों की सूची देनी होगी।
दरअसल, शहर में ऑटो चालकों की मनमानी हावी है। चालक रूट खुद ही तय करते हैं और किराया भी अपनी मर्जी से ही बढ़ाते हैं। सरकारी हस्तक्षेप न होने का फायदा जमकर उठाया जा रहा है। शहर के औद्योगिक और आवासीय सेक्टरों को जोड़ने के लिए कई साल पहले छह रूटों का निर्धारण किया गया था, लेकिन ऑटो सेवा महज तीन रूट पर सिमटकर रह गई है। मॉडल टाउन से गोल चक्कर, मॉडल टाउन से सेक्टर-37 और सेक्टर-37 से नोएडा फेस-दो के बीच ही ऑटो संचालित हो रहे हैं। इन रूटों पर ऑटो-टेंपो की भीड़ इतनी ज्यादा बढ़ गई है कि दिनभर सड़कों पर जाम जैसे हालात बने रहते हैं। वहीं, शहर के दर्जनों सेक्टर आज भी परिवहन सेवा के लिए तरस रहे हैं। सीओ ट्रैफिक सतीश कुमार ने ऑटो चालक यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर प्रत्येक ऑटो के मालिक और उसके चालक की पूरी जानकारी सोमवार तक मांगी है। इससे पता लगाया जाएगा कि कौन से ऑटो को किस रूट का परमिट दिया गया है। इसके आधार पर कार्रवाई शुरू की जाएगी।
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कोड से सफर होगा सुरक्षित
प्रत्येक ऑटो के अगले हिस्से और चालक सीट के पीछे क्यूआर कोड लगाए जाएंगे। ऑटो से संबंधित शिकायत इस कोड के माध्यम से की जा सकेगी। विशेषकर महिला यात्री असुरक्षित महसूस होने पर मोबाइल एप से क्यूआर कोड को स्कैन कर पुलिस सहायता ले सकेंगी। कोड के माध्यम से ऑटो चालक की पहचान आसानी से की जा सकेगी।
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शहर की लगातार बिगड़ रही ऑटो व्यवस्था को सुधारने के लिए प्लान तैयार किया गया है। ऑटो चालक यूनियन से सहयोग मांगा गया है। बेपरमिट ऑटो और महिला यात्रियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
-सतीश कुमार, सीओ ट्रैफिक