गाजियाबाद के लिए उपयोगी....
बिल्डर ने 15 दिन में कब्जा देने का
दावा किया तो रेरा ने मांगा सीसी
- रेरा की पीठ एक व दो ने बिल्डरों के 134 मामलों पर की सुनवाई
- सुपरटेक के खरीदारों ने पीठ को सुनाया अपना दुखड़ा, मांगा जुर्माना
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। सेक्टर गामा दो स्थित उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) की पीठ एक और दो ने मंगलवार को विभिन्न बिल्डरों के 134 मामलों पर सुनवाई की। पीठ वन ने सबसे अधिक सुपरटेक मामलों को सुना। सुनवाई के दौरान खरीदारों ने अपना दर्द बया किया और कब्जा देने में हुई देरी पर जुर्माना दिलाने की अपील की है।
सुनवाई के दौरान इको विलेज वन के एक खरीदार ने पीठ को बताया कि सितंबर माह की शुरूआत में उसके मामले की सुनवाई हुई थी। तब बिल्डर ने माह के आखिर तक कब्जा देने का वादा किया था, लेकिन अभी तक कब्जा नहीं दिया। पीठ ने बिल्डर प्रतिनिधि से जवाब मांगा तो 15 दिन में कब्जा देने का वादा किया। खरीदार ने कहा कि अभी बिल्डर को कंप्लीशन या ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट नहीं मिला है तो कब्जा कैसे देगा। रेरा की पीठ ने बिल्डर को एक सप्ताह के अंदर खरीदार को कब्जा देने पर जवाब और कंप्लीशन या ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट दिखाने का समय दिया है। खरीदार ने ऐसा नहीं करने पर कब्जा देने में देरी पर जुर्माना मांगा है। इसी तरह अन्य खरीदारों ने भी बिल्डर की खामियों को गिनाया। किसी ने जुर्माना तो किसी ने अपनी जमा धनराशि ब्याज समेत वापस मांगी है। पीठ ने सभी मामलों पर बिल्डर से जवाब मांगा है। पीठ वन ने उप्पल चड्डा हाईटेक डेवलेपर्स के एक, एंथम इंफ्रास्ट्रक्चर के एक, ग्रीन बे इंफ्रास्ट्रक्चर के दो और सुपर सिटी डेवलेपर्स के 15 मामलों को भी सुना।
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अंतरिक्ष बिल्डर के प्रोजेक्ट पर जीडीए से मांगी रिपोर्ट
रेरा की पीठ दो ने मंगलवार को 67 मामलों को सुना। फॉरेंसिक ऑडिट का आदेश होने के कारण प्राइमरोज के मामलों को प्रतीक्षा में रखा गया है। गौड़ संस प्रमोटर्स का भी एक मामला पहुंचा, लेकिन शिकायतकर्ता उपस्थित नहीं रहा। वहीं, अंतरिक्ष रियलटेक के संस्कृति प्रोजेक्ट पर गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) से जवाब मांगा है। पीठ के सदस्य बलविंदर कुमार ने बताया कि प्रोजेक्ट में बिल्डर और एक समिति के बीच जमीनी विवाद चल रहा है। इस पर जीडीए से रिपोर्ट मांगी है। इसके अलावा कॉसमॉस इंफ्रा एस्टेट, अरिहंत इंफ्रा रियलटर्स, कृष्णा इंफ्रा होम्स, सर्वोत्तम रियलकॉन के मामलों को भी सुना गया। उन पर बिल्डर से जवाब मांगा है।