बारिश ने धोया प्रदूषण, फिर भी हवा खराब
फरीदाबाद। प्रदूषण के कारण छह दिन से बेहद खराब हो चुके औद्योगिक नगरी के वातावरण के लिए मंगलवार रात चली तेज हवाएं और बारिश अच्छी साबित हुईं। हवा में तैर रहे प्रदूषणकारी तत्व बारिश के पानी में घुल कर जमीन पर आए तो बुधवार सुबह आसमान साफ नजर आया। सूरज की रोशनी में भी तपिश रही, इसका असर वायु गुणवत्ता में सुधार के रूप में सामने आया। हालांकि सुधार के बावजूद औद्योगिक नगरी का वातावरण पूर्ण रूप से साफ नहीं हुआ, यानी प्रदूषण मानक के आधार पर यहां की खतरनाक हवाएं सुधरकर खराब के स्तर तक ही पहुंच सकी।
दिवाली के बाद से औद्योगिक नगरी की वायु गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर बनी हुई थी। मंगलवार रात तेज हवाएं चलने और बारिश होने से पहले तक यहां का वायु गुणवत्ता सूचकांक 450 के आसपास ही बना हुआ था।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानक के मुताबिक, एक्यूआई का यह स्तर स्वस्थ मनुष्य को भी सांस, हृदय और तंत्रिका तंत्र संबंधी बीमारियों से ग्रस्त कर सकता है, पहले से ही बीमार और कमजोर लोगों की सेहत के लिए यह वातावरण खराब है। मंगलवार रात करीब सवा ग्यारह बजे तेज हवाएं चलीं और गरज के साथ बारिश हुई। रात भर रुक-रुक कर हुई रिमझिम बारिश शहरवासियों के लिए प्रदूषण से राहत का वरदान साबित हुुई।
मंगलवार रात साढ़े ग्यारह बजे वातावरण में प्रदूषक पर्टिकुलेट मैटर (पीएम) 2.5 की मात्रा 415 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर थी, बारिश होने पर एक घंटे में इसकी मात्रा घटकर 362 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर तक पहुंच गई। बुधवार सुबह चार बजे इसकी मात्रा 283 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर तक पहुंच गई। बारिश से आसमान साफ हुआ तो सूरज की किरणों की तपिश भी आम दिन से ज्यादा रही। रात में बरसात और सुुबह साफ मौसम होने का असर यह रहा कि दोपहर बाद पीएम 2.5 का स्तर घट कर 220 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर के स्तर पर आ गया।
नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड और सल्फर डाई ऑक्साइड की मात्रा भी वातावरण में संतोषजनक स्तर पर पहुंच गई। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्राधिकारी विजय चौधरी ने बताया कि बुधवार को फरीदाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक औसत 345 रहा, यह पिछले दिनों के मुकाबले बेहतर है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बारिश होने या हवाएं चलने से वायु प्रदूषण का स्तर और कम होगा।