ईरान से आयात बंद करें भारत या प्रतिबंध के लिए रहें तैयार
- अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने धमकाने वाले अंदाज में कहा, हम समीक्षा करेंगे
वाशिंगटन। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने भारत को धमकाने वाले अंदाज में कहा है कि वह 4 नवंबर के बाद भी ईरान से तेल आयात जारी रखने के भारतीय फैसले की सावधानी से समीक्षा करेगा। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि यह भारत के लिए मददगार साबित नहीं होगा और उसे दंडात्मक प्रतिबंधों के लिए तैयार रहना होगा। उधर, अमेरिका अपने सहयोगी देशों के बीच ईरान से तेल खरीद रोकने की अपनी नीति स्प्ष्ट करने के लिए एक शीर्ष राजनयिक ब्रायन हुक को भी रवाना कर रहा है, जो इसी सप्ताह भारत भी आएंगे।
भारतीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेँद्र प्रधान ने सोमवार को कहा था कि दो भारतीय रिफाइनरियों ने नवंबर में भी ईरान से तेल आयात के सौदे किए हैं। मीडिया में चल रही इन खबरों को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हीथर नुएर्ट ने बृहस्पतिवार को कहा कि इस संबंध में हमारी पूरी दुनिया में अपने साझेदारों और सहयोगियों से बातचीत हुई है और उन देशों के प्रति हमारी नीतियां बेहद भी स्पष्ट हैं। नुएर्ट ने कहा, भारत से इस संबंध में पिछले महीने 2 प्लस 2 वार्ता के दौरान विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने बात की थी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी इस संबंध में एक सवाल के जवाब में नीति स्पष्ट कर चुके हैं और मैं निश्चित तौर पर उनसे अलग नहीं हूं। नुएर्ट ने कहा, निश्चित तौर पर हम तेल या एस-400 सिस्टम की खरीद को लेकर जो कुछ सुन रहे हैं, वो भारत के लिए मददगार नहीं होगा। अमेरिकी सरकार सावधानी से इसकी समीक्षा करेगी।
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रूस से एस-400 सौदे पर दोहराई ट्रंप की बात
विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता नुएर्ट ने भारत की तरफ से रूस के साथ एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम खरीदने के लिए किए गए 5 अरब डॉलर के सौदे पर राष्ट्रपति ट्रंप का ही बयान दोहराया। नुएर्ट से पूछा गया था कि क्या अमेरिका काटसा एक्ट (अमेरिका एडवरसरीज थ्रू सेंक्शंस एक्ट) के तहत भारत पर कार्रवाई करेगा। जवाब में उन्होंने कहा, राष्ट्रपति से भी ये पूछा गया था और आप जानते हैं कि उन्होंने कहा था, भारत को पता चल जाएगा। मैं भी यही कह रही हूं।