राजधानी से सटे थानो न्याय पंचायत की कुड़ियाल ग्राम सभा में पेयजल संकट गहरा गया है, जिससे करीब 150 परिवार बुरी तरह प्रभावित हैं। नलकूप के खराब होने और पेयजल आपूर्ति की लाइनें दुरुस्त न होने के कारण ग्रामीणों के सामने पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। हालात इतने बदतर हो चले हैं कि लोगों को दैनिक जरूरतें पूरी करने के लिए या तो महंगे टैंकरों से पानी खरीदना पड़ रहा है, या फिर दूर से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है। इस स्थिति से ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुड़ियाल में करीब दस किलोमीटर दूर पहाड़ी क्षेत्र के सिसारू खाले से पेयजल लाइन से पानी की सप्लाई होती थी। 15-16 सितंबर को विदालना नदी में आई बाढ़ में नदी किनारे बिछाई गई पेयजल लाइन बह गई। कई स्थानों पर लाइन क्षतिग्रस्त भी हो गई। कुड़ियाल के लोग गांव में ही नलकूप विभाग के नलकूप से पेयजल का काम चला रहे थे लेकिन यह नलकूप भी पिछले छह दिनों से खराब पड़ा है। जिस कारण लोगों को पेयजल के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। ग्रामीण विमल किशोर तिवाड़ी ने कहा कि पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने और नलकूप खराब होने के कारण टैंकरों से पेयजल खरीदकर लाना पड़ रहा है। एक टैंकर 500 रुपये में पड़ता है। जिन लोगों के पास मवेशी हैं, उन्हें यहां पानी की खपत अधिक है। ग्रामीणों पर परेशानी के साथ ही आर्थिक बोझ भी बढ़ गया है। वहीं ग्राम प्रधान राखी सिंधवाल ने कहा कि जल निगम को पेयजल लाइनें ठीक करने और नलकूप विभाग को नलकूप ठीक करने को कहा है लेकिन अब तक कोई काम नहीं हुआ है। जिससे ग्रामीण परेशान हैं।