निवासियों ने बिल्डर पर कई आरोप लगाए और प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए नई कंपनी की मांग की
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सुपरटेक की सुपरनोवा में जब खरीदारों ने घर लिया था तब उन्होंने बेहतरीन सोसाइटी का सपना देखा था लेकिन क्या पता था कि बिल्डर उनके साथ धोखा करेगा। यह कहना है सुपरनोवा सोसाइटी के फ्लैट खरीदारों का। रविवार को सेक्टर-94 स्थित सोसाइटी में अमर उजाला संवाद में लोगों ने बिल्डर पर कई आरोप लगाए।
निवासियों ने कहा कि हमें सुपरटेक पर भरोसा नहीं है। सोसाइटी में दो साल से गंगाजल आपूर्ति नहीं हो रही है। बिल्डर पर पानी का करीब 50 लाख का बिल बकाया है। टीडीएस बहुत हाई आ रहा है। फायर फाइिंट सिस्टम, बिजली व्यवस्था, एसटीपी, डब्ल्यूटीपी और पार्किंग की सुविधा भी दुरुस्त नहीं है।
संवाद के दौरान निवासियों ने कहा कि बिल्डर ने हमसे पूरे पैसे लेने के बाद भी न तो जरूरी सुविधाएं दीं और न ही हमें घर का मलिकाना हक मिल पा रहा है। नोएडा प्राधिकरण भी इस संबंध में कोई संज्ञान नहीं ले रहा है। बिल्डर के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया चल रही है और मामला सुप्रीम कोर्ट में है। कोर्ट से हमारा निवेदन है कि नई कंपनी को यह प्रोजेक्ट पूरा करने को दिया जाए ताकि हमें भी न्याय मिल सके।
निवासियों ने बताया कि सुपरटेक रियलटर्स प्रा.लि. का सुपरनोवा प्रोजेक्ट 2009-10 में लॉन्च हुआ था। यह प्रोजेक्ट चार फेज में पूरा होना था। इसमें पहला फेस सुपरनोवा ईस्ट और वेस्ट है जो पूरी तरह रेजिडेंशियल है। दूसरे फेज का रेजिडेंशियल और कर्मशियल स्पायरा टावर भी अबतक अधूरा है। तीसरे फेज में मॉल और चौथे फेस में क्वींस टावर बनना था लेकिन वह भी पूरा नहीं हुआ। अब तक नोवा ईस्ट और वेस्ट बना है।
2018 में नोएडा प्राधिकरण ने कंडीशनल ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (ओसी) दिया था लेकिन बिल्डर ने आजतक उन कंडीशन को पूरा नहीं किया है जिसकी वजह से सोसाइटी की सुविधाएं पूरी नहीं हो पाई हैं और जो लोग रह रहे हैं। उनकी सुरक्षा और रोजमर्रा की चीजें ताक पर रखी हैं। सुपरनोवा ईस्ट और वेस्ट के कुल 582 फ्लैट में अबतक सिर्फ 50-60 फ्लैट की रजिस्ट्री हुई है। बिल्डर पर नोएडा प्राधिकरण का 2400 करोड़ रुपया बकाया है जो बिल्डर चुका नहीं रहा है।
निवासियों ने बताया कि बिल्डर ने प्रोफाइल फंडिंग के नाम पर बड़ा धोखा किया है। एक फ्लैट बिल्डर ने किसी खरीदार को बेच दिया और बाद में खरीदार को पता चला कि इसी फ्लैट के नाम पर पांच साल पहले बिल्डर ने लोन लिया था। स्थिति तब खराब हुई जब खरीदार आने के बाद भी बिल्डर ने पुराना लोन क्लोज नहीं किया। ऐसे में खरीदारों को नोटिस जारी होने लगे। सोसाइटी में 135 लोग इस समस्या से जूझ चुके हैं।
जिसने 15 साल में काम पूरा नहीं किया वह अब क्या काम पूरा करेगा। -पंकज कौशिक
बिल्डर ने रजिस्ट्री और प्रोफाइल फंडिंग के नाम पर बहुत बड़ा धोखा किया है। -मुदित कपूर
फायर फाइटिंग सिस्टम, पानी की सुविधा और अन्य सुविधाओं की समस्या है। -पल्लवी कौशिक
15 साल बाद भी प्रोजेक्ट अधूरा है। रजिस्ट्री के लिए हम निवासी परेशान हैं। -गोविंद