नोएडा। ट्विन टावर के मलबा निस्तारण की प्रक्रिया एक हफ्ते में शुरू होगी। इससे पहले यहां मरम्मत और साफ सफाई की कवायद तेज कर दी गई है। टावर से निकले 80 हजार टन मलबे में से 50 हजार टन बेसमेंट में भरा जाएगा। वहीं बाकी बचे तीस हजार टन मलबे में से आधे का सफाया महीने भर में कर दिया जाएगा। प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए लागू हो रहे ग्रेडेड रेस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) को देखते हुए एक अक्तूबर से पहले ही ज्यादा से ज्यादा मलबे को हटाकर सेक्टर-80 के कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन (सीएंडडी) वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट में रिसाइकलिंग के लिए भेजा जाएगा। मलबे को हटाने के लिए 90 दिन का समय निर्धारित है।
दरअसल, ट्विन टावर के नियंत्रित ध्वस्तीकरण के लिए 32 मंजिला एपेक्स ओर 29 मंजिला सियान टावर के ऊपरी तीन मंजिलों पर विस्फोटक फिट नहीं किए गए थे। इमारतों का ऊपरी हिस्सा बड़े-बड़े टुकड़ों में टूटकर मलबे के ढेर के ऊपर फैल गया है। मलबा हटाने के लिए कंक्रीट और सीमेंट के इन बड़े टुकड़ों को ड्रिलर मशीनों के जरिये तोड़ा जाएगा। इसके बाद डंपरों में लोड कर सीएंडडी प्लांट भेजा जाएगा। इस प्रक्रिया को शुरू करने में एक सप्ताह का समय लगेगा। तकरीबन एक हजार डंपर का इस्तेमाल कर मलबे को सीएंडडी प्लांट भेजा जाएगा।
सुबह 11 से शाम 5 बजे तक हटेगा मलबा
सोमवार को सीईओ रितु माहेश्वरी ने एमराल्ड कोर्ट और एटीएस सोसाइटी का दौरा किया। आरडब्ल्यूए और एडिफिस इंजीनियरिंग के अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान मलबा हटाने के प्लान पर मंथन किया गया। मलबा हटाने और ड्रिल मशीनों के शोर से होने वाली परेशानी से निवासियों ने अवगत कराया। जिसके बाद दिन में इस काम को करने की सहमति बनी। शहर की सड़कों पर भारी वाहनों की नो एंट्री खुलने पर सुबह 11 से शाम 5 बजे तक मलबे से भरे डंपर आवाजाही करेंगे। मलबा हटाने का काम शुरू करने से पहले एटीएस विलेज की क्षतिग्रस्त बाउंड्री को बनवाया जाएगा और सात दिनों में सोसाइटी से मलबे का ढेर हटाया जाएगा।
प्रदूषण से निपटने के इंतजाम
- 500 सफाईकर्मी व मजदूर तैनात
- 100 वाटर टैंकरों की व्यवस्था
- 22 एंटी स्मॉग गन लगाई गईं
- 06 स्वीपिंग मशीनों की मदद
धमाके से टूटे खिड़कियों के कांच, फ्लैट की बालकनी में दरार
नोएडा। सेक्टर-93ए में ट्विन टावर ध्वस्त होने के बाद हालात सामान्य होने पर आसपास की सोसाइटियों में 80 फीसदी निवासी लौट आए हैं। घर वापसी के बाद कई लोगों को अपने फ्लैटों की खिड़कियों के शीशे टूटे मिले। एटीएस सोसाइटी में ऐसी शिकायतों की संख्या ज्यादा है। वहीं इसी सोसाइटी के एक फ्लैट की बालकनी में दरार देखी गई, जबकि कुछ स्ट्रीट लाइटों के पोल झुके मिले हैं।
विस्फोट के बाद ध्वस्त 29 मीटर के सियान टावर का बड़ा हिस्सा एटीएस सोसाइटी परिसर में जा गिरा। सोसाइटी की करीब दस फीट लंबी बाउंड्री क्षतिग्रस्त होने के साथ ही कुछ फ्लैटों की खिड़कियों के शीशे टूट गए। इसी सोसाइटी में एक फ्लैट की बालकनी में दरार भी देखी गई है। वहीं, कुछ जगह प्लास्टर भी झड़कर जमीन पर आ गिरा। ट्विन टावर से महज 9 मीटर के फासले पर एमराल्ड कोर्ट सोसाइटी के टावरों में खिड़कियों के शीशे टूटे हैं। टावर जमींदोज होने के बाद आवासीय इमारतों में धूल की मोटी परत जम गई हैं।
एमराल्ड कोर्ट आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष यूबीएस तेवतिया ने बताया कि चार से पांच घरों के शीशे टूटने की सूचना मिली है। इनकी संख्या ज्यादा भी हो सकती है, सोसाइटी में कोई बड़ा नुकसान होने की अब तक कोई सूचना नहीं मिली है। एडिफिस इंजीनियरिंग के प्रोजेक्ट मैनेजर मयूर मेहता ने बताया कि बाउंड्री की दीवार और प्लास्टर झड़ने का आंकलन पहले ही लगाया गया था। आवासीय टावरों को किसी भी तरह की संरचनात्मक क्षति के मामले में मरम्मत के लिए 100 करोड़ रुपये का बीमा इसलिए कराया गया है। टूटे हुए खिड़कियों के शीशे भी बदले जा रहे हैं।
छह गुना बढ़ गया एक्यूआई
ट्विन टावर ध्वस्त होने के वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) छह गुना तक बढ़ गया। जिसकी वजह से सोमवार को भी लोगों को सांस लेने में परेशानी और आंखों में जलन की शिकायत रही। हवा चलने की वजह से ज्यादा समय के लिए धूल का गुबार आसमान मेें नहीं रहा। रविवार दोपहर दो बजे से रात आठ बजे सबसे ज्यादा एक्यूआइ सेक्टर-93ए पार्श्वनाथ प्रेस्टीज सोसायटी के पास 676 दर्ज किया गया। जबकि इससे पहले यह 108 ही था।