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Noida News: दो महीने में एसी फटने और शॉर्ट सर्किट आग लगने की 15 घटनाएं

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विशेषज्ञों ने समय पर सर्विसिंग, छाया वाले स्थानों पर आउटडोर यूनिट ठंडी जगहों पर रखने की दी सलाह


माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा/यमुना सिटी। भीषण गर्मी में राहत देने वाला एसी खतरे की बड़ी वजह भी बनता जा रहा है। ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी क्षेत्र में अप्रैल से अबतक दो महीने में एसी के कंप्रेसर में ब्लास्ट, शॉर्ट सर्किट और ओवरहीटिंग की वजह से आग लगने की 15 से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं। कई परिवारों की गृहस्थी कुछ ही मिनटों में जलकर राख हो गई। इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरों समेत दमकल विभाग का कहना है कि समय पर मेंटेनेंस और ऐसी को ठंडी छाया वाली जगहों पर रखने जैसी छोटी-छोटी सावधानियां ऐसे हादसों से बचा जा सकती हैं।
तापमान बढ़ने के साथ ही जिले में एयर कंडीशनर का उपयोग तेजी से बढ़ता जा रहा है। बड़ी संख्या में लोग बिना सर्विसिंग और तकनीकी जांच कराए एसी चलाते हैं और यही लापरवाही आग लगने जैसी घटनाओं का कारण बनती हैं।
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विशेषज्ञों के अनुसार, एसी में आग लगने के पीछे सबसे बड़ा कारण वोल्टेज फ्लक्चुएशन, खराब वायरिंग और लगातार लंबे समय तक मशीन का चलते रहना है। कई लोग आउटर यूनिट के पास सामान रख देते हैं, जिससे एयर फ्लो रुक जाता है और मशीन ओवरहीट होने लगती है। इसके अलावा समय पर सर्विसिंग न कराने से फिल्टर गंदे हो जाते हैं और गैस लीक होने पर कंप्रेसर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। विशेषज्ञों की माने तो एसी को केवल रिमोट से बंद करना पर्याप्त नहीं। उपयोग के बाद मेन स्विच भी बंद कर देना चाहिए ताकि बिजली सप्लाई पूरी तरह कट जाए। साथ ही गर्मी शुरू होने से पहले वायरिंग, गैस प्रेशर और कंप्रेसर की जांच करा लें। इसके अलावा बेहद गर्म स्थान पर आउटडोर यूनिट न लगाएं।
विशेषज्ञों के अनुसार, एसी को लगातार 8 से 10 घंटे तक बिना रुके न चलाएं। बीच में कम से कम आधे घंटे का ब्रेक दें। यदि एसी से जलने जैसी गंध आए, तेज आवाज सुनाई दे या कूलिंग अचानक कम हो जाए तो तुरंत मशीन बंद कर मैकेनिक से जांच कराएं। दमकल विभाग का कहना है कि छोटी-सी सावधानी बड़ा हादसा टाल सकती है। घर से बाहर निकलने से पहले एसी का मेन स्विच जांचना और समय-समय पर सर्विसिंग कराना अब जरूरत बन चुका है। विशेषज्ञों के अनुसार सतर्कता और नियमित मेंटेनेंस से आग जैसी घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।



इन बातों का ध्यान रखें
आजकल तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक जा रहा है, इसलिए आउटडोर यूनिट छायादार स्थान पर हो तो बेहतर है।
एसी का इस्तेमाल न होने पर केवल रिमोट से नहीं, मेन स्विच से भी उसे बंद करें।

गर्मी शुरू होने से पहले एसी की पूरी सर्विसिंग जरूर कराएं।
वायरिंग, प्लग और एमसीबी की नियमित जांच कराएं।
हाई वोल्टेज से बचाव के लिए अच्छी क्वालिटी का स्टेबलाइजर लगाएं।
एसी को लगातार 8-10 घंटे तक बिना रुके न चलाएं, बीच में ब्रेक दें।
आउटर यूनिट के आसपास सामान न रखें, हवा का रास्ता खुला रखें।
गंदे फिल्टर समय-समय पर साफ कराएं, ताकि कंप्रेसर पर दबाव न पड़े।
गैस लीक या कम कूलिंग दिखे तो तुरंत मैकेनिक बुलाएं।
जलने की गंध, चिंगारी या तेज आवाज आने पर एसी तुरंत बंद कर दें।
लोकल या खराब क्वालिटी की वायरिंग और एक्सटेंशन बोर्ड का उपयोग न करें।
घर में फायर एक्सटिंग्विशर जरूर रखें।


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ग्रेटर नोएडा में आग लगने की प्रमुख घटनाएं
केस-1 बीटा कोतवाली क्षेत्र में हाल ही में एसी के कंप्रेसर में धमाका होने से मकान में भीषण आग लग गई थी। आग के कारण घर का फर्नीचर, टीवी, कपड़े और जरूरी दस्तावेज जल गए थे।

केस-2 लॉ रेजिडेंशिया सोसाइटी के एक फ्लैट की बालकनी में लगे एसी के कंप्रेसर में आग लग गई थी। आग कुछ ही मिनटों में पूरे फ्लैट तक फैल गई और गृहस्थी पूरी तरह खाक हो गई।
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एसी के लिए अधिक बिजली की जरूरत होती है। इससे काम करते समय उसके कंपोनेंट्स गर्म हो जाते हैं। इसके साथ ही आजकल पड़ रही तेज गर्मी से बाहर भी बेहद गर्म वातावरण रहता है। ऐसे में अधिक तापमान के चलते ऐसी में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग जाती है। एसी की आउटडोर यूनिट ही अक्सर गर्म होकर बर्स्ट हो जाती है।

-डॉ. मीनाक्षी अवस्थी, प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष (इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग), गलगोटिया विश्वविद्यालय
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