- प्रत्येक स्टेशन पर होंगे तीन चार्जिंग प्वाइंट, एक साथ तीन वाहन चार्ज करने की सुविधा
- दिल्ली मॉडल पर होगा संचालन, प्राधिकरण को होगी सालाना कमाई
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। प्रदूषण पर लगाम और ई-वाहनों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बड़ा कदम उठाया है। शहर के प्रमुख और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में 15 व्यावसायिक ई-चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। इसके लिए प्राधिकरण ने विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर नियोजन विभाग को जगह चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं। जल्द ही स्थल चयन के बाद निर्माण और संचालन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
इन चार्जिंग स्टेशनों का निर्माण, संचालन और रखरखाव निजी कंपनियों के माध्यम से किया जाएगा। प्राधिकरण केवल भूमि उपलब्ध कराएगा, जबकि शेष लागत निजी कंपनी वहन करेगी। अधिकतम बोली लगाने वाली कंपनी को संचालन का जिम्मा दिया जाएगा। यह मॉडल दिल्ली में सफलतापूर्वक लागू हो चुका है, और इसी को अपनाकर ग्रेटर नोएडा में भी लागू किया जाएगा। योजना के तहत प्रत्येक चार्जिंग स्टेशन पर तीन चार्जिंग प्वाइंट होंगे, जिससे एक साथ तीन इलेक्ट्रिक वाहन चार्ज किए जा सकेंगे। प्रथम चरण में जिन क्षेत्रों को शामिल किया गया है, उनमें शामिल हैं। सेक्टर अल्फा-1 कमर्शियल बेल्ट, जगत फार्म मार्केट, रामपुर बीटा-1, सेक्टर अल्फा, बीटा, गामा, डेल्टा आदि क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक वाहनों की आवाजाही अधिक है और यातायात घनत्व भी ज्यादा है, जिससे यहां चार्जिंग की मांग बनी रहती है। -
कमाई में साझेदारी का मॉडल
प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक इस परियोजना को पीपीपी मॉडल पर विकसित किया जाएगा। निजी कंपनी चार्जिंग स्टेशन का निर्माण करेगी और बदले में उससे अर्जित आय का एक हिस्सा प्राधिकरण को मिलेगा। अधिकारियों को उम्मीद है कि इससे प्राधिकरण को हर वर्ष अच्छी आय प्राप्त होगी, जिससे भविष्य में इन स्टेशनों की संख्या बढ़ाई जा सकेगी।
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वर्जन
ई-वाहनों का इस्तेमाल करने वाले लोगों की सहूलियत के लिए चार्जिंग स्टेशन बनाने की योजना पर काम चल रहा है। इसके लिए जगह चिन्हित करने के लिए नियोजन विभाग को दिशा निर्देश दिए गए हैं। प्रथम चरण में 15 व्यावसायिक चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे।
प्रेरणा सिंह, एसीईओ, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण