सजा में रियायत के लिए फर्जी दस्तावेज से आरोपी बना नाबालिग
गुरुग्राम। नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी ने सजा में रियायत पाने के लिए स्वयं को फर्जी दस्तावेज के आधार पर नाबालिग घोषित करवा लिया। इसके लिए आरोपी के परिजनों ने अदालत में जन्म का फर्जी प्रमाणपत्र भी पेश किया। जेजे बोर्ड में मामले की पैरवी के दौरान जन्म प्रमाणपत्र के फर्जी होने का खुलासा हुआ। इस पर सेक्टर-40 थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार सेक्टर-40 थाना पुलिस ने 20 अगस्त 2015 को एक युवक को नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म करने का मामला दर्ज किया था। इस मामले में पुलिस ने हरदोई उत्तर प्रदेश के गांव कपूरपुर निवासी सुधीर कुमार को गिरफ्तार किया था। इस मामले की जांच महिला उप निरीक्षक सरोज बाला ने की थी। जिस वक्त आरोपी की गिरफ्तारी की गई, उस वक्त आरोपी के चाचा राम किशन ने उसे नाबालिग बताया था। इस संदर्भ में हरदोई के भखरनी ग्राम विकास अधिकारी द्वारा जारी किया गया जन्म प्रमाण पत्र पेश किया गया। इस प्रमाण पत्र में जन्म तिथि 1 मार्च 1998 दर्शाई गई थी। जिसके कारण वारदात के वक्त आरोपी की उम्र 18 वर्ष से कम थी।
इस पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र 7 अक्तूबर 2015 को जे जे बोर्ड में पेश किया। मामले में पीड़िता के परिजनों ने अधिवक्ता के माध्यम से आरोपी का स्कूल प्रमाण पत्र अदालत में दाखिल किया। इस प्रमाण पत्र को राजकीय प्राथमिक विद्यालय कुंडी शाहपुर हरदोई द्वारा जारी किया गया था, जिसमें आरोपी की उम्र 20 दिसंबर 1993 दर्शाई गई। जांच के दौरान स्कूल प्रमाण पत्र सही पाया गया, जिस पर अदालत ने संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज करवाने का आदेश दिए। सहायक उप निरीक्षक सरोज बाला ने झूठे दस्तावेज अदालत में पेश कर धोखाधड़ी करने व अदालत को गुमराह करने सहित अन्य धाराओं के तहत सेक्टर-40 थाना पुलिस को शिकायत देकर मामला दर्ज करवाया है। पुलिस प्रवक्ता सुभाष बोकन का कहना है कि मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। ब्यूरो