फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida News: गंगा, पांडु नदी में गिर रहे 14 नाले डेढ़ साल में हो सकते टैप

विज्ञापन
गंगा में जाता परमिया नाले का गंदा पानी  - फोटो : संवाद
विज्ञापन
कानपुर। गंगा और पांडु नदी में गिर रहे 14 नाले डेढ़ साल में टैप हो सकते हैं। इसके लिए छह कंपनियां आगे आई हैं। तकनीकी और फाइनेंशियल बिड के अध्ययन के बाद इनमें से चार कंपनियों के प्रस्ताव जल निगम (ग्रामीण) ने शासन भेजे हैं। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद चयनित कंपनी को कार्यादेश जारी कर दिया जएगा।
विज्ञापन

गंगा में गिर रहे रानी घाट सहित नौ नालों और पांडु नदी में गिर रहे हलवाखाड़ा सहित पांच नालों के माध्यम से रोज करीब पांच करोड़ लीटर गंदा पानी नदियों में जा रहा है। जल निगम (ग्रामीण) के इन सभी नालों को मोड़कर इनका गंदा पानी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाने के लिए 138.11 करोड़ रुपये का प्रस्ताव नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा (एनएमसीजी) भेजा था। वहां से दो मई को इसे स्वीकृति मिल गई। साथ ही शर्त लगा दी गई कि जो कंपनी यह कार्य करेगी वही एक वर्ष तक इनका संचालन करेगी। इसमें रखरखाव, कर्मियों पर खर्च, रसायन, बिजली, ईंधन शुल्क और जीएसटी आदि वहन करना होगा। इसके लिए छह कंपनियों ने टेंडर डाले थे। इनमें से चार पास हो गई हैं। इन्हीं चार कंपनियों में से एक के प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाएगी।

कोट
गंगा और पांडु नदी में गिर रहे नालों को मोड़ने के लिए आए टेंडरों की टेक्निकल, फाइनेंशियल बिड खुल गई है। शासन को रिपोर्ट भेज दी है। वहां से स्वीकृति मिलते ही नालों को टैप करने का कार्य शुरू हो जाएगा। - मोहित चक, प्रोजेक्ट मैनेजर, जल निगम (ग्रामीण)
विज्ञापन


इनसेट
गंगा में गिर रहे ये नाले होंगे टैप
रामेश्वर घाट, रानी घाट, गोला घाट, सत्तीचौरा घाट, मैस्करघाट, डबका, मक्कू सईद का भट्ठा, यूपीए कंपाउंड, बंगाली घाट नाला।

पांडु नदी में गिर रहे ये नाले होंगे टैप
गंदा नाला, ट्रांसपोर्टनगर नाला, अर्रा नाला, सागरपुरी नाला, हलवाखाड़ा नाला।


शीतलाबाजार नाला, बुढि़या घाट नाले की होगी मरम्मत
एनएमसीजी के आदेश में जाजमऊ स्थित शीतला बाजार नाला और बुढ़िया घाट नाला की पुनर्स्थापना कार्य कराया जाना भी शामिल किया गया है।

2,515 मीटर पाइपलाइन बिछेगी
प्रस्तावित एसपीएस (सीवेज पंपिंग स्टेशन) मैनहोल की ओर 14 नालों का मोड़ने के लिए 2,515 मीटर पाइपलाइन बिछाने का कार्य भी शामिल है। इसमें से 1,110 मीटर ट्रेंच रहित और शेष 1,405 मीटर लंबाई में खोदाई करते हुए पाइपलाइन बिछाई जाएगी। डिस्टि्रक्ट -वन परियोजना के तहत गुमटी नंबर - पांच में 22 मिलीमीटर व्यास की ब्रिक बैरल से डिस्टि्रक्ट- टू परियोजना के तहत जरीबचौकी में 1200/1400 मिमी आरसीसी लाइन तक 800 मिमी व्यास वाले एमएस पाइप (ट्रेंच रहित) बिछाने का कार्य भी शामिल है। इसके माध्यम से 15 एमएलडी सीवेज को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट ले जाया जाएगा।

छह सीवेज पंपिंग स्टेशन भी बनेंगे
छह सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भी बनेंगे। इनकी क्षमता क्रमश: 6.09 एमएलडी, 2.13 एमएलडी, 2.93 एमएलडी, 49.5 एमएलडी, 4.16 एमएलडी, 1.65 एमएलडी होगी। 2.46 एमएलडी क्षमता एक लिफ्ट स्टेशन भी बनेगा। वहां से मौजूदा एसपीएस के मैनहोल तक 11253 मीटर मुख्य सीवेज लाइन (राइजिंग मेन) बिछेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें