बादशाहपुर तहसीलदार, थाना प्रभारी, अपराध शाखा प्रभारी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश करने के आदेश
गुरुग्राम। बादशाहपुर स्थित मुगलकालीन ऐतिहासिक किले पर कब्जे के मामले में दंडाधिकारी (जेएमआईसी) मनीष कुमार की अदालत ने बादशाहपुर तहसीलदार, थाना प्रभारी, बिजली निगम, अपराध शाखा प्रभारी को गिरफ्तार कर 29 मार्च को अदालत में पेश करने के आदेश जारी किए हैं। अदालत ने इससे पहले समन जारी कर किले पर हुए कब्जे के संदर्भ में रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन इन्होंने समन प्राप्त नहीं किए थे। उधर, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने मामले में प्रदीप निराला की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए सीआईडी की अपराध शाखा (सीबी-सीआईडी) को जांच के आदेश दिए हैं। यह रिपोर्ट सीबी-सीआईडी ने 15 दिन में आयोग के समक्ष पेश करनी है। रविवार को प्रदीप निराला व उनके अधिवक्ता यतीश गोयल ने पत्रकारवार्ता में यह जानकारी दी।
इस मौके पर उन्होंने बताया कि प्रदीप निराला ने बादशाहपुर स्थित मुगलकालीन किले पर कब्जे को लेकर आवाज उठाई थी। इसी दौरान क्षेत्र में एक व्यक्ति आनंद की किसी ने गोली मारकर हत्या कर दी। आरोप है कि इस मामले में पुलिस ने किले पर कब्जे की आवाज उठाने वाले प्रदीप निराला को षड़यंत्र के तहत हत्या की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। प्रदीप को हिरासत में लेने के तीन दिन बाद पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी दर्ज की। पुलिस ने उसे अदालत में पेश कर जेल भेज दिया था। जेल में बंद रहने के दौरान पुरातत्व विभाग के निदेशक भी प्रदीप से मिलने पहुंचे थे। जिसकी प्रविष्टि जेल के रिकॉर्ड में दर्ज है। कुछ समय बाद प्रदीप को अदालत से जमानत मिल गई। इसी दौरान प्रदीप के भाई हरिओम ने अदालत व राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग में याचिका दायर कर किले से कब्जा हटवाने व प्रदीप को न्याय दिलवाने की मांग की थी। जेएमआईसी मनीष कुमार की अदालत ने मामले में कब्जा कर बसावट करवाने में संबंधित विभागों की भूमिका को अहम मानते हुए उनके खिलाफ समन जारी कर अदालत में पेश होने के आदेश दिए थे। अब अदालत ने उन्हें पेश करने के आदेश दिए हैं।
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