हेडिंग: गोपाल कृष्ण ने गौतमबुद्धनगर से मांगा टिकट
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं गोपाल, पिछली बार भी लगाई थी जुगत
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। गौतमबुद्धनगर के सांसद व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा इन दिनों लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटे हुए हैं। उन्होंने बसपा के पूर्व मंत्री वेदराम भाटी व प्रत्याशी रहे रविकांत मिश्रा को पार्टी में मिला लिया, लेकिन उनकी ही पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने गौतमबुद्धनगर से दावेदारी ठोक दी है। उनका कहना है कि पिछली बार जब चुनाव हुए थे, तब भी केंद्रीय नेतृत्व से टिकट मांगा था, लेकिन तब कहा गया था कि अगली बार मौका मिलेगा। उसी वादे के मुताबिक गोपाल ने केंद्रीय नेतृत्व से कहा है कि वह गौतमबुद्धनगर से चुनाव लड़ेंगे।
दरअसल, नोएडा निवासी गोपाल उद्यमी होने के साथ ही जाने जाने सीए भी हैं। नमामि गंगे, एमएसएमई, जीएसटी समेत करीब एक दर्जन विभिन्न केंद्रीय योजनाओं में ‘थिंक टैंक’ की टीम के सलाहकार सदस्य भी हैं। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता होने से विभिन्न समस्याओं पर पार्टी की बात रखते रहते हैं। काफी लंबे समय से आरएसएस के जुड़ाव होने के कारण उनकी पहुंच शीर्ष स्तर तक मानी जाती है। आपातकाल के दौरान उनको जेल में भी डाला गया था। गोपाल ने बताया कि उन्होंने गौतमबुद्धनगर लोक सभा क्षेत्र का भ्रमण किया है। पैदल मार्च करके लोगों के बीच गए हैं, चूंकि पार्टी का सिद्धांत है कि सभी को मौका मिलना चाहिए। लिहाजा, वह इस बार भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ेंगे, यह बात केंद्रीय नेतृत्व को बता दी गई है।
संकट से गुजर रही है बसपा
वेदराम भाटी व रविकांत कांत मिश्रा के भाजपा में जाने से बसपा में खलबली है। सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में और नेता भाजपा के साथ हो सकते हैं। इसके पीछे कारण यह बताया जा रहा है कि स्थानीय बसपा का नेतृत्व मजबूत नहीं हैं। बसपा के पदाधिकारी काफी दिनों से यह कह रहे हैं कि उनका अनादर किया जा रहा है। इसकी शिकायत कई बार पार्टी हाईकमान से की भी गई है, लेकिन बसपा हाईकमान कोई कार्रवाई भी नहीं कर रहा है।
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गौतमबुद्धनगर की सीट पर सबकी नजर
दरअसल, देश की राजधानी के सटे गौतमबुद्धनगर लोक सभा सीट पर भाजपा के ही नहीं, बल्कि अन्य दलों के नेताओं की नजर गढ़ी हुई है। भाजपा के पूर्व मंत्री नवाब सिंह नागर भी इस सीट पर पिछले कई सालों से दावेदारी करते आ रहे हैं। दिल्ली-एनसीआर के बड़े नेता भी मौका तलाश रहे हैं कि उन्हें टिकट मिल जाए। पिछले दिनों एक विधायक ने भी टिकट पाने के लिए जोर लगाया था।