पुलिस कप्तान से मिले नीमखेड़ा गांव के लोग, लगाई न्याय की गुहार
स्थानीय युवक की पत्नी के कथित अपहरण का मामला
अमर उजाला ब्यूरो,
पुन्हाना। हरियाणा के राज्यमंत्री एवं पुन्हाना से विधायक रहीश के भाई मुश्ताक पर गांव के युवक इरफान की पत्नी के अपहरण मामले में चार दिन बीतने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस मामले में न्याय के लिए पीड़ित इरफान ने गांव नीमखेड़ा के सरपंच शाकिर और दर्जनों लोगों के साथ मेवात की पुलिस कप्तान नाजनीन भसीन से सोमवार को मुलाकात की। इरफान ने पुलिस कप्तान से मांग की है कि उसकी पत्नी ने अपहरणकर्ताओं के दबाव में आकर उसके बयान से सहमति नहीं जताई है तो पुलिस उसको बंधक बनाने का तो मामला दर्ज करे। पुलिस ने अभी उसको बंधक बनाने का मामला भी दर्ज नहीं किया है। मेवात की पुलिस कप्तान नाजनीन भसीन ने गांव के सरपंच शाकिर व पीड़ित इरफान को बताया कि महिला ने थानेे में आकर अपना बयान दिया है, जिसमें उसने अपना अपहरण होने की बात से इंकार किया है। वहीं पुलिस कप्तान ने उनके बंधक बनाने के आरोपों की जांच डीएसपी सुखबीर सिंह को सौंप दी है।
8 नवंबर को गांव नीमखेड़ा निवासी इरफान ने पुन्हाना थाने में शिकायत दी थी कि वह अपनी पत्नी को लेकर होडल के किशन सिंह अस्पताल से दवा दिलाकर ला रहा था, तभी उसकी बाइक के सामने पुन्हाना से विधायक रहीश खान के भाई मुस्ताक व फौजू निवासी सिंगलेहड़ी ने एक सफेद रंग की गाड़ी लगाकर उसमें से दो अन्य साथियों के साथ उतरे और उसकी कनपटी पर रिवाल्वर लगाकर उसकी पत्नी को अपनी गाड़ी में डालकर ले गए। उसे भी बंधक बनाकर करीब सात घंटे तक एक घर में रखा गया और इस शर्त छोड़ा कि वह इस बारे में किसी को नहीं बताएगा। डीएसपी सुखबीर सिंह का कहना है कि महिला ने पुलिस को दिए बयान में अपने अपहरण की बात को झूठा बताया है। लेकिन इरफान द्वारा उसको बंधक बनाने के आरोपों की अभी जांच चल रही है।
फोटो। डीएसपी से मिलते नीमखेड़ा गांव के लोग।