केएमपी के साथ बने ढाबों व दुकानों को पुलिस ने हटवाया
तावडू। कुंडली मानेसर पलवल एक्सप्रेस-वे के साथ अवैध तौर पर खुले ढाबों व दुकानों से खाना खाने या सामान खरीदने के लिए सड़क पर गाड़ियां खड़ी करना लोगों के लिए खतरा बना रहता है। बेतरतीब ढंग से खड़े वाहनों के चलते कई बार दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। शुक्रवार को पुलिस ने तावडू सीमा से निकलने वाले केएमपी पर खुली दुकानों और ढाबों को हटवाया। पुलिस की इस कार्रवाई से इनके संचालकों में भारी रोष व्याप्त है।
तावडू व नूंह सीमा से निकलने वाले केएमपी एक्सप्रेस-वे पर लगभग 200 से अधिक ढाबे, टायर पंचर व परचून की दुकान संचालित है। इन पर अक्सर ट्रक चालक खना खाने व सामान खरीदने और पंचर लगावाने के लिए अपने वाहनों को सड़क किनारे खड़ा कर देते है। रात के समय आपने सामने से लाइटों पड़ने की वजह से तेज गति से आ रहे चालकों को इनके दिखाई नहीं देने के कारण हादसे के शिकार हो जाते है। पुलिस के अनुसार अवैध तौर पर खुली दुकानों के लिए खड़े होने वाले वाहनों के कारण दुर्घटना घटित होने का भय बना रहता है। जिसकी वजह से इन्हें हटाना जरूरी है।
ढाबा व दुकान चलाने वाले हिजाब, राशिद, सद्दाम, ज़ुबैर, शहजोर, जमशेद, कासम, मिन्नू आदि का कहना है की वह गरीब लोग है। होटल व ढाबा चलाकर अपने परिवार का गुजारा कर रहे है। उनके पास एकमात्र यही रोजगार है। अगर उनके ढाबे हटाए गए तो उनका रोजगार छिन जाएगा। पीड़ित लोगों का कहना है की उनके हटने से केएमपी पर लूटपाट की घटनाएं बढ़ने का अंदेशा बना रहेगा जबकि एक्सप्रेस पर घटित होने वाली सड़क दुर्घटना में घायल लोगों की पुलिस पहुंचने से पहले मदद करने में उनकी हमेशा अग्रणी भूमिका रहीं है। सड़क से गुजरते समय पंचर होने पर वाहन चालकों को पंचर लगवाने के लिए भी परेशानी से जूझना पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन से उनकी दुकानों को नहीं उजाड़ने की फरियाद की है।
वहीं थाना प्रभारी पंकज कुमार का कहना है की करीब केएमपी के साथ बने होटल व दुकानों पर ठहरने के लिए ट्रक चालक अपने वाहनों को सड़क पर खड़ा कर देते है। इससे दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। जिसको लेकर शुक्रवार को इन्हें सड़क के साथ से हटाया गया है।