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Noida News: जांच रिपोर्ट के घेरे में पुलिस और प्रशासन के 12 अधिकारी

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सेक्टर-150 हादसा
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एसआईटी ने सौंपी रिपोर्ट, सुरक्षा उपाय नहीं होने और बचाव में देरी को बताया हादसे की वजह
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-150 हादसे में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत के मामले में गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। रिपोर्ट सौंपने से पहले एसआईटी की टीम बुधवार देर शाम तक नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों से सवाल-जवाब में जुटी रही। सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में सुरक्षा उपायों की कमी और बचाव कार्य में देरी को हादसे की प्रमुख वजह बताया है। रिपोर्ट में अलग-अलग स्तर पर जिम्मेदार अधिकारियों और विभागों का भी उल्लेख किया गया है। इसमें प्राधिकरण, पुलिस और प्रशासन से 12 से अधिक अधिकारी जांच के घेरे में आते दिख रहे हैं। हालांकि यह अंतिम जांच रिपोर्ट होगी या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

16 जनवरी को हुए हादसे के बाद एसआईटी ने 20 जनवरी से जांच शुरू की थी। जांच प्रक्रिया के दौरान प्राधिकरण, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से कई सवालों के जवाब मांगे गए। विभागों से उनकी रिपोर्ट भी तलब की गई। मामले में खनन विभाग ने सबसे अंत में अपनी रिपोर्ट सौंपी। पूरी जांच रिपोर्ट 600 से अधिक पन्नों की थी, जिसका सार तैयार कर एसआईटी ने शासन को भेजा है। एसआईटी ने जलभराव, स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम, कंट्रोल रूम की निगरानी, बचाव कार्य में लगे समय और मौके पर तैनात अधिकारियों की भूमिका पर विस्तृत जांच की है
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बाहर निकालने में देरी पर केंद्रित रही जांच
जांच के दौरान सबसे अहम सवाल यह रहा कि हादसे के दौरान युवराज को बाहर निकालने में दो घंटे क्यों लग गए। अब शासन स्तर से हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। इसके लिए शासन रिपोर्ट का अध्ययन करेगा। रिपोर्ट पर शासन फिर से एसआईटी से कुछ बिंदुओं पर अतिरिक्त जानकारी मांग सकता है। इसके अलावा कार्रवाई की संस्तुति और जिम्मेदारी का निर्धारण भी जांच दल से करवाया जा सकता है।
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