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सीईओ के साथ उद्यमियों की वार्ता विफल

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सीईओ के साथ उद्यमियों की वार्ता विफल
औद्योगिक सेक्टरों में पार्किंग शुल्क वसूली को लेकर 40 मिनट तक बातचीत
- सीईओ ने श्रमिकों और उद्यमियों को दी वाहन नहीं लेकर आने की नसीहत
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। औद्योगिक सेक्टरों में पार्किंग का विरोध कर रहे उद्यमियों को नोएडा प्राधिकरण से राहत मिलती नहीं दिख रही है। सोमवार को प्राधिकरण के सीईओ आलोक टंडन के साथ करीब 40 मिनट चली नोएडा एंटरप्रिनियोर्स एसोसिएशन (एनईए) प्रतिनिधियों की वार्ता विफल रही। सीईओ ने उद्यमियाें को पार्किंग का बंदोबस्त करने और श्रमिकों के आने-जाने के लिए बसों की व्यवस्था करने की नसीहत दे डाली। प्राधिकरण के रुख से नाराज उद्यमी अब पार्किंग नीति के विरोध में सड़क पर उतरने की तैयारी कर रहे हैं।
उद्यमियों का कहना है कि औद्योगिक सेक्टरों में पार्किंग शुल्क वसूलना गलत है। माफिया किस्म केलोग मनमानी कर रहे हैं। कंपनियों में घुसकर कर्मचारियों के साथ बदसलूकी की जा रही है। इस मामले की कई बार अलग-अलग थानों में शिकायत भी की जा चुकी है। मुख्यमंत्री तक भी यह मामला पहुंच गया है। इसके बाद भी कोई राहत नहीं मिली है। सोमवार को प्राधिकरण सीईओ आलोक टंडन के साथ बैठक में एनईए प्रतिनिधियों ने इस मुद्दे को उठाया। सीईओ ने उद्यमियों से कहा कि प्राधिकरण ने पार्किंग शुल्क वसूलने के लिए ठेकेदारों को अधिकृत किया है। उद्यमियों को आपत्ति है तो अपनी इकाइयों में कार्यरत श्रमिकों के आने-जाने के लिए बसों की व्यवस्था करें। सीईओ ने श्रमिकों को ही नहीं, बल्कि उद्यमियों को भी वाहन न लेकर आने की नसीहत दे डाली।
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एनईए अध्यक्ष विपिन मल्हन सहित मौके पर मौजूद उद्यमियों ने स्पष्ट कहा कि कोई भी उद्यमी अपनी इकाई की चारदीवारी के साथ लगती जगह को पार्किंग ठेकेदारी के नाम पर बिकने नहीं देगा और न ही वाहन खड़े करने की एवज में पार्किंग शुल्क दिया जाएगा। इसके बाद सीईओ ने कहा कि जल्द ही जिलाधिकारी और एसएसपी के साथ उद्यमियों की समस्याओं को लेकर बैठक की जाएगी। एक सप्ताह बाद फिर उद्यमियों के साथ इस मसले पर बैठक की जाएगी। बैठक में एनईए महासचिव वीके सेठ, उपाध्यक्ष मोहन सिंह, किशोर कुमार, कोषाध्यक्ष शरद चंद्र जैन, सह कोषाध्यक्ष नीरू शर्मा, सहसचिव पियूष मंगला आदि मौजूद रहे।

‘पार्किंग शुल्क की वसूली अवैध’
एनईए अध्यक्ष विपिन मल्हन का कहना है कि उद्यमियों ने जब भूखंड लिया था, तब सड़क की चौड़ाई, पार्किंग फेस, कॉर्नर प्लॉट के हिसाब से अलग-अलग लोकेशन शुल्क वसूला गया था। उद्यमी प्राधिकरण को लीज रेंट भी देते हैं। ऐसे में इकाई के आगे वाहन पार्किंग शुल्क वसूलने का अधिकार किसी को कैसे दिया जा सकता है। नियमानुसार औद्योगिक सेक्टरों में फुटपाथ उद्यमियों के लिए है और सड़क आम जनता के लिए।
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ऐसे हालात में कैसे आएगा निवेश
औद्योगिक सेक्टरों में पार्किंग शुल्क के विरोध में नाराजगी लगातार बढ़ रही है। उद्यमियों का कहना है कि उत्तर प्रदेश सरकार औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने की कोशिश में जुटी है। इस बीच नोएडा प्राधिकरण की नई पार्किंग नीति के नाम पर औद्योगिक सेक्टरों में हो रही वसूली से उद्यमियों में रोष पनप रहा है। प्राधिकरण इस बात से सहमत नहीं है तो उद्यमियों से वसूला गया लोकेशन चार्ज ब्याज सहित लौटा दे। इसके बाद उद्यमी विचार करेंगे कि नोएडा में उद्योग चलाया जाए या नहीं।
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