सेक्टर-75 स्थित गोल्फ सिटी प्लॉट-8 सोसाइटी
फ्लैटों की रजिस्ट्री का इंतजार कर रहे 1150 खरीददार
13 वर्षों में 80 प्रतिशत काम ही हो पाया पूरा, 950 लोगों को मिल चुका है पजेशन
-सोसाइटी में एसटीपी प्लांट की सुविधा नहीं, फायर सिस्टम भी नहीं करता काम
-निर्माण कार्य अधूरा होने के कारण नहीं मिल पा रहा ऑक्युपेशन सर्टिफिकेट
संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। सेक्टर-75 स्थित गोल्फ सिटी प्लॉट-8 सोसाइटी में 1150 खरीदार फ्लैटों की रजिस्ट्री होने का इंतजार कर रहे हैं। 13 वर्षों में अभी तक सोसाइटी का 80 प्रतिशत काम ही पूरा हो पाया है। ऐसे में पजेशन मिलने के बाद रह रहे 950 लोग बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस गए हैं। सोसाइटी में ना तो एसटीपी प्लांट की व्यवस्था है और ना ही फायर फाइटिंग सिस्टम काम करता है। निर्माण कार्य अधूरा होने के कारण ऑक्युपेशन सर्टिफिकेट भी नहीं मिल पा रहा। इसके कारण फ्लैटों की रजिस्ट्री भी नहीं मिल पा रही है। आरोप है कि एओए का गठन होने के बाद भी बिल्डर सोसाइटी हैंडओवर नहीं कर रहा है। निवासियों का कहना है कि इस संबंध में प्राधिकरण से भी शिकायत कर चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
सेक्टर-75 स्थित गोल्फ सिटी प्लॉट-8 सोसाइटी का निर्माण वर्ष 2010 में शुरू हुआ था। 2016 से निवासियों ने सोसाइटी में पजेशन लेना शुरू कर दिया था। निवासियों का कहना है कि बिल्डर की मनमानी की वजह से उन्हें काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। आलम यह है कि सोसाइटी में बेसमेंट का काम 70 फीसदी ही पूरा हुआ है। बिल्डर का प्राधिकरण पर कई करोड़ रुपये बकाया भी है। निवासियों का कहना है कि बीते दो वर्षों से सोसाइटी का निर्माण कार्य रुका हुआ था। प्राधिकरण और रेरा से शिकायत के बाद बिल्डर ने निर्माण कार्य शुरू किया। निवासियों ने बताया कि समस्या के बारे में कहने पर बिल्डर अनसुना कर देता है।
विरोध के बाद हुआ एओए का गठन
निवासियों का कहना है कि अभी तक सोसाइटी में एओए का गठन नहीं हुआ था। विरोध के बाद कुछ महीने पहले ही सोसाइटी में एओए का गठन किया गया। लेकिन बिल्डर ने अभी तक सोसाइटी को हैंडओवर नहीं किया है। एओए पदाधिकारियों का कहना है कि हैंडओवर के लिए लड़ाई जारी है।
ऑक्युपेशन सर्टिफिकेट के बाद ही मिल पाएगी रजिस्ट्री
नियमानुसार ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट (ओसी) मिलने के बाद ही फ्लैटों की रजिस्ट्री खरीददारों को मिल पाएगी। जबकि सोसाइटी का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद ही ओसी मिल पाएगा। ऐसे में खरीददारों को रजिस्ट्री के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। इसे लेकर निवासियों में बिल्डर के खिलाफ रोष है।
स्ट्रक्चरल ऑडिट के लिए करेंगे अपीलनिवासियों का कहना है कि सबसे पहले उनका मकसद रजिस्ट्री कराना है। इसके बाद अन्य समस्याओं को उठाएंगे। स्ट्रक्चरल ऑडिट के लिए भी प्राधिकरण से अपील की जाएगी। इसके अलावा हक के लिए लड़ाई जारी रहेगी।
निवासियों से बातचीत
सोसाइटी हैंडओवर को लेकर बिल्डर से बात की जा रही है। हर बार केवल आश्वासन दिया जाता है। जब तक हैंडओवर नहीं किया जाता लड़ाई जारी रहेगी। मलिकेश्वर झा एओए प्रेजिडेंट
समस्याओं को लेकर संबंधित विभागों से शिकायत की गई है। गंभीरता से लेते हुए अधिकारियाें को समाधान करना चाहिए। पूरन चतुर्वेदी
फ्लैट में भले ही रह रहे हैं, लेकिन रजिस्ट्री ना होने के कारण वह अपना सा नहीं लगता है। जल्द ही रजिस्ट्री हो। बस यही चाहते हैं। अभिषेक जायसवाल
बड़ी मुश्किल से एओए गठित की गई है। बिल्डर का रवैया ठीक नहीं है। कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सौरभ कुमार
प्राधिकरण को ऐसे मामलों में प्रमुखता से काम करना चाहिए। बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। संबंधित विभागों का रवैया ठीक नही है। विजय कुमार