हेडिंग: कपड़ा नहीं, सेनेटरी पैड का करें इस्तेमाल : माही
सबहेड: व्हिस्पर च्वाइस और अमर उजाला सपनों की उड़ान कार्यक्रम में पहुंचीं टीवी कलाकार
कहा, पीरियड कोई बीमारी नहीं बस इसे समझने की जरूरत
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। मैंने नोएडा से बारहवीं तक की पढ़ाई की है। मेरी एक दोस्त को स्कूल में ही पीरियड आ गया था। घर जाकर मैंने मां को यह बात बताई और कहा कि मेरे साथ ऐसा होने पर मैं कपड़े का नहीं, बल्कि सेनेटरी पैड का इस्तेमाल करूंगी। दरअसल, पहली बार इस स्थिति का सामना करने पर मां ही वह इंसान होती है जिसके पास बच्ची जाती है। पीरियड कोई बीमारी नहीं है। बस इसे समझने की जरूरत है। आज भी देश में कई महिलाएं और लड़कियां पीरियड में कपड़े का इस्तेमाल करती हैं। यह बातें सेक्टर 44 स्थित महामाया बालिका इंटर कॉलेज के आडिटोरियम में टीवी कलाकार माही विज ने कहीं। वह व्हिस्पर च्वाइस और अमर उजाला सपनों की उड़ान कार्यक्रम में पहुंची थीं। छात्राओं को संबोधित करते हुए उन्होेंने कहा कि मुझे बहुत खुशी हुई है कि अमर उजाला ने इस अभियान के साथ मुझे जोड़ा है। अब तो सरकार ने भी सेनेटरी पैड को जीएसटी के दायरे से बाहर कर दिया है। महिलाओं के लिए ये खबर बहुत अच्छी है। ऐसे में अब कपड़े का नहीं सेनेटरी पैड का ही इस्तेमाल करें।
वहीं, बुधवार सुबह 11 बजे से शुरू हुए कार्यक्रम में एक हजार छात्राओं ने रजिस्ट्रेशन कराया। बेटियों के साथ उनकी मां भी पहुंची थीं। कार्यक्रम में लड़कियों को व्हिस्पर भी दिया गया। साथ ही वीडियो की मदद से उन्हें जागरूक भी किया गया। लड़कियों और माताओं के लिए कई तरह की गतिविधियां करवाई गईं। इस दौरान प्रिंसिपल प्रतिभा चौधरी, कराटे एक्सपर्ट सुष्मिता गुरुंग, सेक्टर- 39 महिला थाने की प्रभारी निरीक्षक अंजू तेवतिया, महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. हिमांगी नेगी ने भी अनुभव बांटे।
खाने पीने का दें विशेष ध्यान : डॉ. हिमांगी
कार्यक्रम मेें पहुंचीं महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. हिमांगी ने बताया कि पहली बार तो मुझे समझ ही नहीं आया कि क्या हुआ। मुझे लगा कोई बीमारी हो गई है, लेकिन मां ने मुझे पूरी जानकारी दी। पीरियड के दौरान बच्ची स्कूल नहीं जा पाती। कपड़े का इस्तेमाल करती हैं, जिससे संक्रमण का खतरा रहता है। अब पैड सस्ते आने लगे हैं। माताओं को उन्हें जागरूक करना चाहिए। इन दिनों में चिड़चिड़ाहट और पेट दर्द की शिकायत होती है। इससे घबराने की जरूरत नहीं है। खाने पीने का विशेष ध्यान रखना चाहिए। हरी सब्जी का सेवन करें।
पैड के इस्तेमाल से निकला मन का डर : सुष्मिता
कराटे एक्सपर्ट सुष्मिता गुरुंग ने बताया कि मैं 20 वर्षोँ से कराटे कर रही हूं। मुझे सफेद कपड़े पहनने होते हैं। कपड़े के इस्तेमाल से दाग लगने का डर रहता है। लेकिन सेनेटरी पैड के इस्तेमाल से ये डर मन से निकल गया है। जब मैं छोटी थी तो स्कूल में व्हिस्पर की ओर से जागरूक करने आते थे, जिसके बाद मुझे पैड के बारे में पता चला। इस दौरान कराटे एक्सपर्ट की टीम ने लड़कियों को कराटे भी सिखाए। वहीं, प्रिंसिपल प्रतिभा चौधरी ने कहा कि लड़कियों के मन में कई सवाल होते हैं। अमर उजाला के कार्यक्रम से लड़कियों को बहुत कुछ जानने को मिला है।
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नोएडा को हर रोज करती हूं मिस
माही विज ने नोएडा के समरविल स्कूल से पढ़ाई की है। उन्होंने बताया कि मेरे सारे दोस्त नोएडा में हैं। मैं उन्हें बहुत मिस करती हूं। लिहाजा, मेरा यहां आना जाना रहता है। मैंने अपना बचपन इन्हीं गलियाें में गुजारा है। जब भी नोएडा आती हूं, तो लगता है जैसे कल की ही बात है। स्कूल के समय से ही डांस का बहुत शौक था। कभी भी स्कूल में कार्यक्रम होते थे तो उसमें हिस्सा लेती थी। घर वालों ने भी मुझे पूरा स्पोर्ट किया। जिसकी बदौलत आज में यहां पर पहुंची हूं। लड़कियां बहुत स्मार्ट होती हैं। हर काम में वो आगे हैं। परिवार की तरफ से सपोर्ट मिल जाए तो हर काम कर सकती हैं। अमर उजाला कार्यक्रम से मुझे बहुत सारी लड़कियों से मिलने का मौका मिला है। इनका बहुत प्यार मिला है। उन्होंने कहा कि बारहवीं के बाद से ही टीवी सीरियल में ब्रेक मिलने शुरू हो गए थे। मैंने कई सीरियल, रियालिटी शो, साउथ की मूवी में काम किया है। मेरी किस्मत अच्छी रही, मुझे ज्यादा संघर्ष नहीं करना पड़ा, लेकिन आप अपने काम के बल पर ही टिक पाते हैं।