फरीदाबाद। कोरोना की दूसरी लहर में सबसे ज्यादा समस्या ऑक्सीजन की कमी से जुड़ी हुई थी। एनसीआर में सैकड़ों लोगों ने ऑक्सीजन की कमी से दम तोड़ दिया था। अब हालात यह हैं कि अस्पतालों में ऑक्सीजन की मांग घट रही है और ऑक्सीजन एक्सप्रेस से टैंकरों की लगातार सप्लाई हो रही है। ऑक्सीजन से भरे 11 टैंकर छह दिनों से ओल्ड फरीदाबाद रेलवे स्टेशन पर खड़े हैं। इन्हें कहां भेजा जाए इस बारे में कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है।
ऐसे में इन टैंकरों के चालकों को अब खाने-पीने व ठहरने की समस्या से भी जूझना पड़ रहा है। टैंकर चालकों के आरोप है कि उन्हें खाने के लिए खर्च नही दिया जा रहा है। जीआरपी थाना प्रभारी सूरतपाल का कहना है कि ऑक्सीजन की मांग नहीं होने से रेलवे स्टेशन पर टैंकर खड़े हैं। इनमें से एक टैंकर की मांग रविवार रात को आई थी। उसे अस्पताल भेज दिया गया है। टैंकर चालकों ने भोजन एवं रहने व्यवस्था को लेकर सोमवार को आपत्ति भी दर्ज कराई है। जिले में ओडिशा के राउरकेला व अंगुल से और दिल्ली कैंट में गुजरात से ऑक्सीजन की सप्लाई की जा रही है। इन्हें ऑक्सीजन एक्सप्रेस के जरिये लाया जा रहा है। ऑक्सीजन की मांग कम होने से छह दिनों से 4 टैंकर खड़े हुए हैं, दो दिन पूर्व दिल्ली कैंट से सात टैंकर फरीदाबाद भेजे गए थे। उन्होंने बताया कि सोमवार देर शाम तक पांच और टैंकर ट्रेन के जरिये फरीदाबाद पहुंचने वाले हैं। ऐसे में इन टैंकरों को कहां खड़ा किया जाए यह भी समस्या बनी हुई है।
चालकों के आरोपों को बताया निराधार
जीआरपी थाना प्रभारी सूरतपाल का कहना है कि उन्हें ओडिशा से आने वाले टैंकर चालकों को सुविधा देने के लिए कहा है। दिल्ली कैंट से पहुंचे टैंकरों के बारे में कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। इसके बावजूद सभी चालकों को भोजन एवं रहने के लिए जगह उपलब्ध कराई जा रही है। टैंकर चालकों के आरोप निराधार हैं।