एक ही कमरे में रह रहे थे 11 बांग्लादेशी
सलारपुर गांव में पिछले 8-10 दिनों से 11 बांग्लादेशी नागरिक एक ही कमरे में रह रहे थे। बुधवार रात को तीन बांग्लादेशी भंगेल में पुलिस को देखकर भाग गए और सलारपुर गांव में सुमित भाटी के घर की छत पर चढ़ गए। जब सुमित भाटी, उसके परिजन और किराएदारों ने मिलकर तीनों को घेर लिया। तब पकड़े जाने के डर से तीनों लोग छत से कूद गए और घायल हो गए। इसके बाद तीनों लोगों को पकड़ लिया गया।
फर्जी आधार और पेन कार्ड बरामद
इनकी पहचान सद्दाम हुसैन, सुजन और राजरहुल बराबर के रूप में हुई। तीनों से जब पुलिस ने पूछताछ की तब पता चला कि सभी बांग्लादेश के रहने वाले हैं। इन तीनों की निशानदेही पर इनके आठ साथियों को पुलिस ने सलारपुर से गिरफ्तार किया गया। इन आठ लोगों की उम्र 18 से 24 वर्ष के बीच है। इनके पास से छह फर्जी आधार कार्ड और एक फर्जी पैन कार्ड बरामद हुआ। डीसीपी नोएडा रामबदन सिंह का कहना है कि गिरफ्तार बांग्लादेशी नागरिक दस दिन पहले नोएडा आए थे। पश्चिम बंगाल व बिहार के रास्ते नोएडा पहुंचे थे। इस मामले की जांच पुलिस के साथ साथ विभिन्न एजेंसियां भी कर रही है।
फर्जी आधार कार्ड का मालदा कनेक्शन
एडीसीपी सुमित शुक्ला कहना है कि इन सभी से पूछताछ की गई है। ये आरोपी राज मिस्त्री का काम करते हैं और काम के चक्कर में नोएडा आए थे। ये लोग कुछ माह पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में रूके थे और वहीं से छह आधार कार्ड और एक पैन कार्ड बनवाया। इसके बाद वह पश्चिम बंगाल, बिहार, यूपी के रास्ते एनसीआर पहुंचे। पूछताछ में बताया कि यहां मजदूरी करने के लिए आए थे। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।
तीन बांग्लादेशी गए थे कश्मीर
पुलिस की जांच में पता चला है कि गिरफ्तार सद्दाम हुसैन, सुजन और राजरहुल अवैध रूप से भारत की सीमा में प्रवेश करने के बाद कश्मीर गए थे। वहां कुछ बिल्डिंग में मजदूरी का भी काम किया था। तीनों कई महीने तक काम करने के बाद एक सप्ताह पहले नोएडा आए थे। इसी दौरान आठ और बांग्लादेशी नोएडा पहुंच गए। फिर सभी 11 लोगों ने एक कमरा किराए पर लिया और रहने लगे। गिरफ्तार बांग्लादेशी नागरिकों ने पूछताछ में बताया कि बॉर्डर पर कुछ लोग अवैध रूप से भारत की सीमा में घुसाते हैं। इसकी एवज में मोटी रकम भी लेते हैं।