ग्रेटर नोएडा। दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर (डीएमआईसी) के लिए जमीन देने वाले किसान नए भूमि अधिग्रहण कानून के तहत सुविधाएं देने की मांग कर रहे हैं। इसी मुद्दे पर बुधवार को ग्रेनो प्राधिकरण के गेट पर किसानों ने महापंचायत की। इसमें निर्णय लिया गया कि बृहस्पतिवार से 11 किसान हर रोज क्रमिक अनशन पर बैठेंगे। अनशन 10 फरवरी तक चलेगा।
एक दिन महिलाओं का भी अनशन होगा। उसके बाद भी मांग पूरी नहीं हुई तो 11 फरवरी से पल्ला गांव में कॉरिडोर के निर्माण को रोका जाएगा। महापंचायत में पहुंचे मीरापुर विधायक अवतार सिंह भड़ाना ने इस मसले पर एक सप्ताह में मुख्यमंत्री से बात करने का आश्वासन दिया।
महापंचायत में किसान संगठनों के साथ सपा, बसपा, कांग्रेस और आप समेत राजनीतिक दलों के नेता शामिल हुए। महापंचायत का नेतृत्व किसान नेता सुनील फौजी ने किया। विधान परिषद सदस्य नरेंद्र सिंह भाटी ने कहा कि सरकार और अधिकारी किसानों की मांग सुनने के लिए तैयार नहीं है। दिल्ली से विधायक मदनलाल ने कहा कि जिस कानून को सरकार ने बनाया है, उसी को लागू कराने के लिए किसान आज धरने पर बैठे हैं।
महापंचायत को बसपा के सतवीर नागर, नरेंद्र नागर, सपा के प्रदेश प्रवक्ता राजकुमार भाटी, कांग्रेस नेता अजीत दौला, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष फकीरचंद्र नागर, सपा जिलाध्यक्ष वीर सिंह यादव, आप जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह जौदान, किसान सभा के प्रवक्ता डॉ. रूपेश वर्मा आदि ने भी समर्थन दिया। वहीं, महापंचायत को देखते हुए सुबह से ही प्राधिकरण के दफ्तर पर कई थानों का पुलिस बल और पीएसी तैनात थी। प्राधिकरण के गेट पर तीन बैरिकेड लगाई गई थी। वाहनों को पहले ही जेसीबी और ट्रक लगाकर रोक दिया गया था।
आंदोलन को मजबूत करने के लिए किसानों से संपर्क
दनकौर (संवाद)। किसानों से मिलने बुधवार को भाकियू अराजनैतिक युवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरव टिकैत दनकौर पहुंचे। उन्होंने किसानों से गाजीपुर बॉर्डर पर चल रहे आंदोलन को मजबूत करने की अपील की। किसानों ने यमुना एक्सप्रेसवे पर टिकैत का स्वागत किया और समर्थन देने का आश्वासन दिया। गौरव टिकैत ने कहा कि जब तक सरकार तीन कृषि कानूनों को वापस नहीं लेती है तब तक किसानों का आंदोलन चलता रहेगा। इस दौरान पंकज हतेवा, बॉबी नागर, संजय प्रधान, विभोर शर्मा, दिनेश शर्मा, दया प्रधान, ज्ञानी नागर, पूरन पहलवान, विशाल शर्मा, नरेंद्र नागर, विजयपाल प्रधान और मनोज मावी आदि किसान मौजूद रहे।