अस्पतालों में पांच बेड आरक्षित, जांच शुल्क 600 रुपये निर्धारित
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। जिले में डेंगू के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। बृहस्पतिवार को 11 नए मरीज सामने आए। इस साल अब तक 232 के सामने आ चुके हैं। हालांकि पिछले वर्षों के मुकाबले कम है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, सभी मरीजों की स्थिति सामान्य है।
रोजाना औसतन 10 से 15 नए मरीज सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने अपील की है कि लोग अपने घरों और आसपास पानी जमा न होने दें, मच्छरदानी प्रयोग करें। 2023 में डेंगू के 900 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए थे। 2024 में यह आंकड़ा करीब 400 था। 12 सितंबर 2024 तक 332 मामले सामने आए थे।
इसलिए बढ़ रहे केस
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि डेंगू के मामलों में वृद्धि का मुख्य कारण लगातार हो रही बारिश है। इससे मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हैं। हालांकि टीम एहतियाती उपाय कर रही है। मरीजों के घरों और आसपास के क्षेत्रों में एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जा रहा है।
निजी लैब और अस्पतालों को एडवाइजरी
डेंगू की जांच के लिए शासन ने अधिकतम 600 शुल्क निर्धारित किए हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले के सभी निजी अस्पतालों और लैब को इस संबंध में निर्देश भेजे हैं। इसके साथ ही प्रत्येक निजी अस्पताल को मच्छरजनित रोगों के मरीजों के लिए पांच बेड आरक्षित रखने होंगे। इन पर मच्छरदानी की व्यवस्था भी अनिवार्य रूप से करनी होगी। सभी निजी लैब और अस्पतालों को एनएसवन एलाइजा और मैक एलाइजा किट के माध्यम से ही जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
वर्जन
सभी अस्पतालों, नर्सिंग होम और लैब को यह जानकारी भेज दी गई है। निगरानी की जा रही है कि निर्देशों का पालन हो। -श्रुति कीर्त वर्मा, मलेरिया अधिकारी