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टीकाकरण अधूरा छोड़ने से बढ़ा डिप्थीरिया का खतरा

Sun, 23 Sep 2018 11:36 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
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दिल्ली में बढ़ते डिप्थीरिया के मामले एवं जिले में दो संभावित डिप्थीरिया मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग का सर्वे लगातार जारी है। प्रतिरक्षण अधिकारी नेपाल सिंह ने बताया कि डिप्थीरिया के मामलों की पुष्टि अभी तक दिल्ली में ही हुई है।

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हालांकि, दादरी एवं दनकौर में दो मामलों में डिप्थीरिया के लक्षण मिले हैं। इनकी जांच की जा रही है। लेकिन शहर में डिप्थीरिया के और मामलों का पता लगाने के लिए जांच टीमें लगातार सर्वे कर रही हैं। साथ ही टीकाकरण अभियान पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है।

प्रतिरक्षण अधिकारी नेपाल सिंह ने बताया कि जिले में बहुत से लोग बच्चों को टीका लगवाने के लिए राजी नहीं होते हैं। आठ साल की उम्र तक निश्चित समय के अंतराल पर टीकाकरण होना अति आवश्यक है। यदि इसमें लापरवाही की गई हो तो डिप्थीरिया का खतरा बढ़ जाता है। हमारी टीम लगातार लोगों को जागरूक कर रही है, लेकिन फिर भी कई लोग हमारी बात सुनने को तैयार नहीं होते। कई तरह के अंधविश्वासों के चलते लोग टीकाकरण से बचते हैं।
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- दिल्ली में बढ़ते रोग के बाद बढ़ा टीकाकरण
नेपाल सिंह ने बताया कि जब से दिल्ली में डिप्थीरिया की खबरें आई हैं। नोएडा में टीकाकरण करवाने के लिए कई लोग राजी हुए हैं। कई बस्तियां थी, जहां लोग बहाने बनाते थे और स्वास्थ्य विभाग की टीम को टीकाकरण नहीं करने देते थे। हालांकि अभी भी कई परिवार ऐसे मिल जाते हैं, जो टीकाकरण के लिए राजी नहीं होते।

- अधूरा टीकाकरण बनता है मुसीबत
डॉ डीके गुप्ता के अनुसार कई लोग हैं जो यह सोचते हैं कि एक बार बच्चे को टीका लगवाना काफी है। यह गलत धारणा है। एक टीका एक निश्चित समयावधि तक कार्य करता है। डॉक्टर के बताए अनुसार बच्चे को समय-समय पर सभी टीके लगवाने चाहिए तभी डिप्थीरिया जैसी बीमारी से बच सकते हैं।

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