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फूरे लाल

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प्रदूषण रोकने के लिए आधुनिक तरीके अपनाने पर जोर
कार्यशाला में पहुंचे अधिकारी, नियंत्रण में आ रही दिक्कतों से करवाया रूबरू
ईपीसीए अध्यक्ष ने कहा, खराब डीजल के प्रयोग से बढ़ रहा प्रदूषण
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। शहर में प्रदूषण की रोकथाम के लिए शनिवार को सेक्टर-6 स्थित इंदिरा गांधी कला केंद्र में कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में प्रदूषण नियंत्रित करने में आ रही कठिनाइयों से अधिकारियों को अवगत करवाया गया। ईपीसीए अध्यक्ष भूरेलाल ने वायु प्रदूषण से होने वाले हानिकारक एवं वित्तीय प्रभाव के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में पूर्व की तरह स्मॉग एवं वायु प्रदूषण की समस्या इमरजेंसी श्रेणी में ना पहुंचे। लिहाजा समस्त संबंधित विभाग ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान में संबंधित कार्यों को पूर्ण निष्ठा से करें। जिन स्थानों पर कंस्ट्रक्शन चल रहा है। दावा किया जाता है कि सभी ढके हैं। लेकिन हकीकत में ऐसा नहीं है। गत वर्ष जिस वजह से प्रदूषण के स्तर में इतनी बढ़ोतरी हुई थी। उन कारकों को बढ़ने से रोका जाए। मॉनिटरिंग स्टेशनों की संख्या नौ की जाए। पहले चरण में तीन स्टेशन अतिरिक्त लगाए जाए। प्राधिकरण जमीन मुहैया कराए। दिल्ली के आनंद विहार में लगे स्टेशन से ज्ञात हुआ कि रात में चलने वाले ट्रक, डग्गामार खराब डीजल का प्रयोग करते हैं। जिससे प्रदूषण में तेजी से बढ़ोतरी होती है। जांच करने के बाद ही शहर में इन्हें प्रवेश दिया जाए। पराली जलाने के संबंध में पंजाब स्टेट प्राधिकरण से बातचीत की जाए। औद्योगिक इकाइयों में ज्यादा से ज्यादा सीएनजी का प्रयोग किया जाए, ताकि प्रदूषण का स्तर कम रहे।

वार रूम की लें मदद : जिलाधिकारी
इस दौरान मुख्य रूप से कंस्ट्रक्शन, सड़क पर उड़ने वाली धूल, ईंट भट्टा का संचालन जिगजैग प्रणाली में परिवर्तित करने, कूड़ा एवं पराली जलाने व अब तक आरोपित धनराशि के बारे में जानकारी दी गई। जिलाधिकारी गौतम बुद्ध नगर बी एन सिंह ने प्रदूषण की रोकथाम के लिए वार रूम प्रयोग करने एवं जन सहभागिता के बारे में जानकारी दी। मुख्य सचिव अनूप चंद पांडे ने कहा कि रेगुलेशन एवं धनराशि आरोपित में अतिरिक्त तकनीक का प्रयोग किया जाए। साथ ही जन जागरूकता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाए। कार्यशाला में ईपीसीए ( एनवायरमेंट पॉल्यूशन प्रिवेंशन कंट्रोल अथॉरिटी ) के अध्यक्ष भूरे लाल, मुख्य सचिव अनूप चंद पांडे, प्रमुख सचिव वन एवं पर्यावरण, एनसीआर जनपदों के जिलाधिकारी एवं नोएडा, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पुलिस, खनन, परिवहन इत्यादि के विभागीय अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
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जुर्माने के रूप में वसूले दो करोड़
प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी आलोक टंडन ने डस्ट फ्री सड़कें, डोर टू डोर कचरा उठाने की व्यवस्था के साथ मैकेनिकल स्वीपिंग के बारे में अवगत कराया। उन्होंने बताया कि अब तक कचरा फैलाने व कंस्ट्रक्शन कार्य के दौरान अनियमितता बरतने व एनजीटी के नियमों की अवहेलना करने पर दो करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। कार्रवाई अब तक जारी है। भविष्य में प्रदूषण का स्तर नियमित रहे इसके लिए छह लाख से ज्यादा पौधे लगाए गए। साथ ही एनजीओ के जरिये लोगों को जागरूक करने का काम किया जा रहा है।
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सम विषम प्रणाली हो लागू
बढ़ते वाहनों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली की तर्ज पर सम विषम या अन्य प्रणाली का प्रयोग किया जाए। साथ ही प्रदूषण सर्टिफाइड गाड़ियों को प्रवेश दिया जाए। सघन चेकिंग की जाए। तेल की गुणवत्ता की जांच भी की जाए। मुख्य सचिव अनूप चंद पांडे ने कहा कि शहर में सभी औद्योगिक इकाइयां प्रदूषण फैलाने का काम नहीं कर रही हैं। जो सही है उन्हें एक मंच पर लाकर सम्मानित किया जाए। ताकि वह अन्य के लिए मिसाल बन सकें।
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