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अमर उजाला सेक्टर संवाद:

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अमर उजाला सेक्टर संवाद
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हेडिंग: बिजली की आंख-मिचौली से परेशान अरावली निवासी
सेक्टर-34 के अरावली अपार्टमेंट बी-3 में बिजली कटौती से बुरा हाल
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। सरकार कहती है कि नोएडा को नो ट्रिपिंग जोन बना दिया गया है, लेकिन जनता फिर भी बिजली कटौती से परेशान है। कुछ ऐसा ही हाल सेक्टर-34 के अरावली अपार्टमेंट बी-3 का है। हर महीने लाखों रुपये बिल वसूलने वाले विद्युत निगम की लापरवाही से स्थानीय लोगों को न दिन में चैन और न रात में आराम मिल रहा है।
नोएडा प्राधिकरण ने 1993 में फ्लैट बनाकर आवंटित किए थे। 25 साल पहले बिजली आपूर्ति के लिए तैयार किया गया स्ट्रक्चर ध्वस्त हो गया है। सोसायटी में कई जगह लोहे के पोल लगे हैं, जो कई बार टूटकर गिर चुके हैं। इन पर लटके तार तेज हवा को नहीं सह पाते। आरडब्ल्यूए अध्यक्ष धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि सोसायटी में सबसे बड़ी समस्या बिजली कटौती है। इसकी कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन विद्युत निगम के अधिकारी सुनने को तैयार नहीं हैं। ऐसा कोई दिन नहीं जब 4 से 6 घंटे बिजली कटौती न होती हो। समस्या तब और बढ़ जाती है जब शिकायत करने के बाद भी विद्युत निगम के कर्मचारी फॉल्ट ठीक करने नहीं पहुंचते। इसकी शिकायत स्थानीय कार्यकारी अभियंता से की गई थी, लेकिन उन्होंने हाथ खड़े कर दिए। बिजली कटौती से परेशान लोग 30 जून को ऊर्जा मंत्री से मिलने मेरठ भी पहुंचे, वहां उन्होंने भी आश्वासन ही दिया।
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खुले पैनल बॉक्स से हादसे का डर
अपार्टमेंट में सात जगह बड़े पैनल बॉक्स लगे हैं, जिनके दरवाजे टूटे पड़े हैं या फिर हर समय खुले रहते हैं। इनकी हालत इस कदर खराब हो गई है कि जरा सी बारिश होते ही इनमें चिंगारी उठने लगती है और बिजली गुल हो जाती है। अपार्टमेंट के पार्क में जर्जर हालत में रखे पैनल बॉक्स से हादसे का खतरा मंडराता रहता है। लोगों ने बच्चों को पार्क में भेजना बंद कर दिया है।
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स्ट्रीट लाइटें तो हैं पर जलती नहीं
सोसायटी में कुछ जगहों पर स्ट्रीट लाइट के पोल खड़े कर दिए गए हैं, लेकिन वो जलती नहीं हैं। जर्जर पोल पर टंगी स्ट्रीट लाइटें महज शोपीस बनकर खड़ी हैं। इनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। रात के समय सोसायटी में अंधेरा छा जाता है। ऐसे में चोरी व लूट की घटनाएं बढ़ती जा रही है। जबकि प्राधिकरण का दावा है कि शहर की सभी स्ट्रीट लाइट को बदल दिया गया है। आरडब्ल्यूए ने प्राधिकरण से 40 स्ट्रीट लाइट लगवाने की अपील की है।
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परिचर्चा फोटो के साथ
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यहां बिजली का बिल 7 रुपये से 9 रुपये प्रति यूनिट लिया जा रहा है, लेकिन बिजली निगम की ओर से सोसायटी में पड़ी पुरानी वायरिंग की जगह नई वायरिंग नहीं डाली जा रही है।
- कृपा शंकर, आरडब्ल्यूए कार्यकारिणी सदस्य
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बिजली कटौती से गर्मी में बुरा हाल है। कई बार इनवर्टर भी ठप हो जाते हैं। स्ट्रीट लाइट न जलने से स्नेचिंग की घटनाएं बढ़ रही है। रात में सोसायटी से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है।
-केके गुप्ता, आरडब्ल्यूए कार्यकारिणी सदस्य
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पैनल बॉक्स के खुले होने से बारिश के समय इनमें करंट दौड़ता है जिससे कोई बड़ी घटना घट सकती है। बिजली निगम और प्राधिकरण के अधिकारी आंखें मूंदे हादसे का इंतजार कर रहे हैं।
- सविता
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सोसायटी में कुछ ही जगहों पर स्ट्रीट लाइट के पोल लगे हुए हैं। जो खराब पड़े हैं। कई बार शिकायत की गई, लेकिन आज तक कोई सुध नहीं ली। विद्युत निगम की लापरवाही लोगों पर भारी पड़ रही है।
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- अमित रस्तोगी
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बिजली कटौती के कारण घर का कोई काम नहीं हो पाता। जिस समय पानी आता है उस समय बिजली कट जाती है। ऐसे में बाहर से पानी मंगवाना पड़ता है।
-पूनम शुक्ला
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अधिकारी बोले
सोसायटी के पैनल बॉक्स व तारों को बदलने का प्रस्ताव मुख्यालय भेजा जा चुका है। निविदा प्रक्रिया पर काम किया जा रहा है। जल्द ही यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
- विवेक अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता-विद्युत निगम
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