सस्ते वाहनों और सब्सिडी के कारण बना बिक्री का रिकॉर्ड
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। जीएसटी में बदलाव के पहले यानी 22 अगस्त से 21 सितंबर तक आठ हजार वाहनों का पंजीकरण हुआ था लेकिन इस बदलाव के बाद 10 दिनों में 10 हजार वाहन बिक गए हैं इसी के साथ सबसे बड़ा रिकॉर्ड भी बन गया है। बता दें, इसका प्रमुख कारण वाहनों का सस्ता और इलेक्ट्रिक वाहनों पर सब्सिडी देना है।
नवरात्र पर वाहन बिक्री के सभी रिकॉर्ड टूट गए हैं। इसके पीछे जीएसटी बदलाव ही एकमात्र कारण रहा है। परिवहन विभाग द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक जीएसटी बदलाव के पहले यानी 22 अगस्त से 21 सितंबर तक आठ हजार वाहनों का पंजीकरण हुआ था लेकिन इस बदलाव के बाद 10 दिनों में 10 हजार वाहन बिक गए हैं इसी के साथ सबसे बड़ा रिकॉर्ड भी बन गया है।
इससे पहले कभी भी इतने वाहनों की बिक्री नहीं हुई है। वहीं वाहनों की बिक्री की रकम करीब 1500 करोड़ रुपये तक आंकी जा रही है। इसी के साथ आने वाले दिनों के लिए भी विभाग ने कमर कस ली है। साथ ही सभी डीलरों को भी निर्देशित कर दिया है कि सभी डीलर वाहनों की पत्रावली को समय से जमा करा दें ताकि वाहनों की आरसी जारी की जा सके।
परिवहन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, इस अवधि में करीब 6000 दोपहिया और 4000 चार पहिया वाहन बिके। खास बात यह रही कि 50 लाख रुपये से अधिक कीमत वाले भी 1125 लग्जरी गाड़ियों की बिक्री हुई, जो पिछले साल की तुलना में 65 प्रतिशत अधिक है। डीलरों का कहना है कि इस बार दिवाली काफी अच्छी मनने वाली है।
100 प्रतिशत कर छूट और आकर्षक सब्सिडी से आंकड़ा बढ़ने की उम्मीद
परिवहन विभाग का अनुमान है कि यह आंकड़ा और बढ़ सकता है, क्योंकि कई मॉडलों के लिए ग्राहकों को प्रतीक्षा करनी पड़ रही है। वहीं इस बार इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों ने ग्राहकों का ध्यान खूब खींचा। अब तक 964 ऐसे वाहनों का पंजीकरण हो चुका है। सरकार की 100 प्रतिशत कर छूट और सब्सिडी योजनाओं ने इन वाहनों की मांग को बढ़ाया है। इस छूट का लाभ उठाने के लिए 14 अक्टूबर तक पंजीकरण कराना जरूरी है।
वर्जन
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इस बार वाहन पंजीकरण उम्मीद से कहीं ज्यादा हुआ है। इसे देखते हुए अब दिवाली पर अधिक पंजीकरण की उम्मीद कर रहे हैं और इसके लिए सभी तैयारियां पूरी हैं। -सियाराम वर्मा, एआरटीओ प्रशासन, परिवहन विभाग, गौतमबुद्ध नगर