सेक्टर-16 में अवैध कॉल सेंटर का खुलासा, युवती समेत 11 आरोपी गिरफ्तार
सरगना दंपती की तलाश, बिना ब्याज के लोन दिलाने का झांसा देते के आरोपी
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03 साल से चल रहा था कॉल सेंटर
02 लाख लोगों का डाटा मिला
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा।
बिना ब्याज के लोन दिलाने का झांसा देकर 1000 से अधिक लोगों को ठगने वाले अवैध कॉल सेंटर का नोएडा पुलिस ने खुलासा किया है। कोतवाली फेज वन व साइबर टीम ने मंगलवार को सेक्टर-16 में चल रहे कॉल सेंटर से युवती समेत 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।आरोपियों के पास से दो लाख से अधिक लोगों का डाटा मिला है। वहीं, गिरोह सरगना दंपती की पुलिस तलाश कर रही है।
नोएडा जोन के डीसीपी यमुना प्रसाद ने बताया कि आरोपी लोगों को फोन कर बिना ब्याज के आसानी से लोन दिलाने का झांसा देते थे। इसके बाद रजिस्ट्रेशन, जीएसटी और फाइल चार्ज के नाम पर हजारों रुपये वसूले जाते थे। लोन की रकम तय करने के बाद मिलीभगत कर बीमा कंपनियों से उतनी ही रकम का बीमा करा देते थे। इसके बाद बीमा कंपनियों से 40 से 60 प्रतिशत तक कमीशन लेते थे। ऐसा कर आरोपी ग्राहकों से लाखों रुपए हड़प लेते थे। इसके बाद पीड़ितों को न तो लोन मिलता था और न ही पैसे वापस मिलते थे। सेक्टर-16 के कॉल सेंटर से आरोपियों ने एक हजार से अधिक लोगों को ठग लिया था। आरोपियों से करीब दो लाख लोगों का डाटा मिला है जिसमें फोन नंबर, पता व अन्य विवरण हैं। आरोपी नोएडा में तीन साल से कॉल सेंटर चला रहे थे। आशंका है कि आरोपियों ने कई शहरों में वारदात अंजाम दी है। गिरोह सरगना दंपती की तलाश में दबिश दी जा रही है। जिस समय पुलिस ने दबिश दी आरोपी ग्राहकों को ठग रहे थे।
सरगना दंपती सीसीटीवी से रखते थे नजर
पुलिस के अनुसार, गौरव जोशी व पत्नी नेहा अवैध कॉल सेंटर को चला रहे थे। आरोपी लोकेशन बदलते रहते थे। दबिश के दौरान दंपती मौजूद नहीं थे। दोनों अपनी टीम के साथ अक्सर जूम पर बैठक करते थे। इसके अलावा सीसीटीवी पर पूरे कॉल सेंटर का काम देखते थे। रोजाना जितना पैसा आता था उसे दोनों अपने खातों में डलवाकर कमीशन कर्मचारियों को देते थे।
एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज है शिकायत
एडीसीपी सुमित शुक्ला ने बताया कि सरगना दंपती के खिलाफ एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज है। जब पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाया तो कॉल सेंटर के बारे में पता चला। ठगी के लिए सेक्टर-16 स्थित पांच मंजिला इमारत की दूसरी मंजिल दो लाख रुपये किराये पर ली गई थी। आरोपियों के व्हाट्सएप चैट से अनधिकृत वेंडर की भी जानकारी प्राप्त हुई है। देश के लाखों लोगों का डाटा व निजी जानकारी की एक्सेल शीट पर मिली है।
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ये हुए गिरफ्तार
1. विक्रम सिंह, कविनगर, गाजियाबाद
2.अमन, खोड़ा कॉलोनी, गाजियाबाद
3.केशव कुमार झा, खोड़ा कॉलोनी, गाजियाबाद
4.अरमान चौधरी, असालतपुर फारुखनगर, गाजियाबाद
5.मोहित, हर्ष विहार, दिल्ली
6.राहुल सिंह, शमशाबाद, आगरा
7.फिरोज खान, बदरपुर बार्डर, नई दिल्ली
8.राहुल कुमार, घोंडा, दिल्ली।
9.अक्षय कुमार मिश्रा, दल्लूपुरा, दिल्ली
10.पंकज सिह, वेस्ट विनोद नगर, दिल्ली
11.दिव्या, सेक्टर-22, नोएडा
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ये हुई बरामदगी : 43 लैंडलाइन फोन, 21 मोबाइल, 5 लैपटॉप, 61 सिम कार्ड, सिम कार्ड के 36 खाली लिफाफे, 10 फाइलों में 2054 पेजों को डाटा।
कर्मचारियों को वेतन के साथ मिलाता था कमीशन
अवैध कॉल सेंटर से पकड़े गए कर्मचारियों को ठगी की जानकारी थी। सभी को मासिक वेतन व कमाई के हिसाब से कमीशन मिलता था। आरोपी देश के कई राज्यों के लोगों को ठगते थे। लोन के लिए ये लोग सोशल मीडिया पर विज्ञापन भी देते थे।