ग्रेटर नोएडा। कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों को सबसे ज्यादा खतरा है। प्रधानमंत्री भी इसकी आशंका जता चुके हैं। इससे निपटने के लिए जिले में तैयारियां जोराें पर चल रही हैं। कासना स्थित जिम्स में भी इसके लिए बच्चों का 100 बेड का वार्ड तैयार कर हो गया है। प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा आलोक कुमार ने रविवार को इसका जायजा लिया। तीसरी लहर की आशंका के मद्देनजर आलोक कुमार ने जिम्स का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निदेशक ब्रिगेडियर डॉक्टर राकेश गुप्ता (रिटायर्ड), सीएमएस डॉक्टर सौरभ श्रीवास्तव, डीन डॉक्टर रंभा पाठक, डॉक्टर शिखा सेठ, प्रशासनिक अधिकारी डॉक्टर अनुराग श्रीवास्तव आदि के साथ बैठक की और बच्चों के संक्रमित होने पर कैसे निपटा जाएगा, इसकी पूरी जानकारी ली।
उन्होंने पीडियाट्रिक वार्ड के बाल गहन चिकित्सा वार्ड (पीआईसीयू) की तैयारियों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि तीसरी लहर में सबसे अधिक बच्चों के संक्रमित होने की आशंका है। इसे देखते हुए बेहतर तैयारियां जरूरी हैं। इस दौरान संस्थान के निदेशक ने बताया कि प्रमुख सचिव पीआईसीयू निरीक्षण के साथ पीडियाट्रिक स्किल विभाग में भी गए। यहां चल रहे ट्रेनिंग कार्यक्रम की उन्होंने सराहना की। इसके बाद नॉन कोविड मरीजों से भी बातचीत कर इलाज प्रक्रिया में सुधार के लिए सुझाव जानने का प्रयास किया। उन्होंने प्रमुख सचिव को बताया कि फिलहाल तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए बच्चों के लिए 100 बेड का वार्ड तैयार कर लिया गया है।
प्रमुख सचिव ने कहा कि बीते दो सालों में संस्थान ने पूरे प्रदेश में अपना नाम कमाया है, यह डॉक्टरों की मेहनत से ही सफल हुआ है। संस्थान के डॉक्टरों के प्रयास से ही प्रदेश में सबसे कम कोविड मरीजों की मौत गौतमबुद्ध नगर में हुई है। इसके बाद उन्होंने एकेडमिक भवन का निरीक्षण किया व विद्यार्थियों को दी गई साइकिल का फ्लैग ऑफ किया।
कॉलेज के लिए चिह्नित जमीन का मुआयना
निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय परिसर स्थित चिह्नित की गई मेडिकल कॉलेज की जमीन भी देखने के लिए गए। जमीन की लोकेशन देखकर वह संतुष्ट नजर आए व इसके ट्रांसफर की प्रक्रिया को तेज कराने का आश्वासन दिया। गर्वनिंग बॉडी की बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद प्रमुख सचिव उद्योग के पास फाइल अटकी हुई है।
सभी विषयों में पीजी की कक्षा शुरू करने के निर्देश
कॉलेज व अस्पताल के निरीक्षण के बाद यहां मौजूद सुविधाओं से वह काफी प्रभावित हुए। उन्होंने संस्थान के निदेशक को निर्देशित किया कि यहां सभी संकायों में पीजी की पढ़ाई शुरू करने की तैयारी तेज करें। यहां विद्यार्थियों को सुविधाएं मुहैया कराना उनकी प्राथमिकता में शामिल है। इसके लिए शासन स्तर पर भी कार्ययोजना बनाई जाएगी।