यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे 100 बेड का अस्पताल भी बनेगा
ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे प्रस्तावित ट्रामा सेंटर के साथ 100 बेड का अस्पताल भी बनाया जाएगा। यमुना प्राधिकरण सेक्टर-22 ई में छह एकड़ भूमि स्वास्थ्य विभाग को निशुल्क देगा। ट्रामा सेंटर बनने एक ओर जहां यमुना एक्सप्रेसवे के यात्रियों को फायदा होगा। वहीं, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, औद्योगिक इकाइयों और यीडा सिटी में रहने वाले लोगों को भी लाभ मिलेगा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की चल रही कवायद और यमुना एक्सप्रेसवे पर होने वाले हादसों में घायलों के त्वरित उपचार के लिए ट्रामा सेंटर की पूर्व में मंजूरी दे दी गई थी। यह जनपद में बनने वाला पहला सरकारी ट्रामा सेंटर है। प्राधिकरण ने दो हजार वर्ग मीटर जमीन निशुल्क देने का फैसला किया था। इसको लेकर बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पास कर शासन को भेज दिया गया था। मुख्यमंत्री ने यीडा सिटी की बढ़ती गतिविधियों को देख ट्रामा सेंटर के साथ 100 बेड का अस्पताल बनाने को भी कहा। अब स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी। अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने यमुना प्राधिकरण के साथ चर्चा की और अधिक जमीन देने के लिए कहा। ट्रामा सेंटर और अस्पताल के लिए छह एकड़ जमीन की जरूरत पड़ेगी। इस प्रस्ताव पर प्राधिकरण ने हामी भर दी।
ट्रामा सेंटर व अस्पताल के लिए सैद्धांतिक सहमति बन गई है। इसके लिए सेक्टर-22 ई में भूमि दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के आग्रह पर निशुल्क भूमि देने का प्रस्ताव बोर्ड बैठक में रखा जाएगा।
डॉ. अरुणवीर सिंह, सीईओ यमुना प्राधिकरण