दोनों भाई के चेहरे पर एक सा निशाना
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डीसीपी सेंट्रल नोएडा शक्ति मोहन अवस्थी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले की जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि नवंबर 2015 से आरोपी मंगल बच्चे को उठाकर ले गया था। फिलहाल मंगल फरीदाबाद की जेल में है। आरोपी की पत्नी अलग हो गई थी, इसलिए अपने बुढ़ापे के सहारे के लिए फरीदाबाद के सूरजकुंड से दूसरे बच्चे का इसी वर्ष अपहरण किया था।
कटी हुई उंगली व चेहरे के जन्म दाग (बर्थ मार्क) से पहचान पाए मां-बाप
10 साल बाद बेटा मिलने के बाद भावुक मां ने उसे गले लगाकर बोली, हम तो उम्मीद छोड़कर नोएडा से गांव वापस चले गए थे। मां ने बताया कि दोनों भाइयों के चेहरे पर एक सा निशान है, जिससे पहचान में अहम मदद मिली। मां ने बताया कि उनकी बहन ने दोनों बच्चों के ये निशान बनाया था। वहीं डीसीपी ने बताया कि किशोर का डीएनए टेस्ट भी करवाया जाएगा।