सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था अब भी दिख रहा श्रमिक आंदोलन का असर
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। नोएडा और ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में हुए श्रमिक आंदोलन का असर अब भी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर दिखाई दे रहा है। आंदोलन के दौरान पुलिस ड्यूटी के लिए ली गईं रोडवेज बसों में से कई अब तक डिपो को वापस नहीं की गईं हैं। वर्तमान में 10 बसें पुलिस ड्यूटी में लगी हैं, जिससे विभिन्न रूटों पर कमी बनी हुई है। इससे यात्रियों को परेशानी हो रही है।
आंदोलन के दौरान तोड़फोड़ की आशंका को देखते हुए नोएडा और ग्रेटर नोएडा में पुलिस बल तैनात किए गए था। इसके लिए दोनों डिपो से 26 बसें ली गई थीं। इनमें से अधिकतर बसों को वापस कर दिया गया, लेकिन ग्रेटर नोएडा डिपो की आठ बसें अब तक पुलिस ड्यूटी में हैं। ये बसें ग्रेटर नोएडा से नोएडा, बुलंदशहर और अन्य प्रमुख रूटों से हटाकर पुलिस ड्यूटी में लगाई गईं हैं।
एक घंटे तक करना पड़ रहा इंतजार
इन रूटों पर 15-20 मिनटों के अंतराल पर बसें मिल जाती थीं, लेकिन अब 30 मिनट से लेकर एक घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। यात्री रामसेवक ने बताया कि अंसल मॉल के सामने से नोएडा जाने के लिए बसें मिलने में दिक्कत हो रही है। शुक्रवार को 20 मिनट इंतजार करने के बाद रोडवेज की बस मिली।
कोट
16 अप्रैल से आठ बसें लगातार पुलिस ड्यूटी में लगी हुई हैं। 30 अप्रैल को दो और बसें भेजी गई हैं। इससे कई रूटों में यात्रियों को असुविधा हो रही है। स्थिति को सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
-राजेश वर्मा, एआरएम, ग्रेटर नोएडा डिपो