गेझा गांव में मंगलवार देर शाम नोएडा प्राधिकरण की सीवर सफाई करने लाइन में उतरे सेक्टर-44 निवासी शिवा अंदर ही बेहोश हो गए। काफी देर तक बाहर नहीं निकले पर हड़कंप मच गया। पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम ने उन्हें बाहर निकाला। अस्पताल में उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि बिना गैस जांच और सुरक्षा उपकरण के कर्मचारी को सीवर लाइन में उतारा गया था।
चार-पांच लोगों के सीवर में फंसे होने की चर्चा रही
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कर्मचारी को बगैर गैस जांच, पर्याप्त ऑक्सीजन व्यवस्था और जरूरी सुरक्षा उपकरणों के सीवर में उतारा गया था। जानकारों का कहना है कि ऐसे कार्य प्राथमिकता से मशीनों के माध्यम से कराए जाने चाहिए। घटना के बाद कुछ देर के लिए चार-पांच लोगों के सीवर में फंसे होने की चर्चा रही, लेकिन पुलिस ने स्पष्ट किया कि केवल एक ही सफाईकर्मी अंदर था।
रोबोट से सफाई का दावा बेदम
सीवरेज सफाई के लिए रोबोट और अत्याधुनिक मशीनों के इस्तेमाल का दावा करने वाले नोएडा प्राधिकरण के जल विभाग की व्यवस्थाओं पर मंगलवार को एक और मौत ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए। अप्रैल 2025 में प्राधिकरण ने घोषणा की थी कि अब सीवर लाइन और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की सफाई कर्मचारियों के बजाय रोबोट और मशीनों से कराई जाएगी।