ट्विन टावर गिराने के आदेश के बाद से ग्रेटर नोएडा और ग्रेनो वेस्ट की सोसाइटियों के बिल्डर प्रोजेक्ट के ऑडिट व लापरवाही बरतने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठने लगी थी जो अभी तक बरकरार है। खरीदारों का कहना है कि बिल्डर-अफसरों के गठजोड़ पर सख्त वार से ही उन्हें न्याय मिलेगा।
ग्रेनो वेस्ट में फ्लैट खरीदारों की समस्या उठाने वाले संगठन नोएडा एक्सटेंशन फ्लैट ओनर वेलफेयर एसोसिएशन (नेफोवा) और नोएडा एक्सटेंशन फ्लैट ओनर्स एंड मेंबर्स एसोसिएशन (नेफोमा) के पदाधिकारियों का कहना है कि ग्रेनो वेस्ट की कई सोसाइटियों में फ्लैट खरीदारों के अधिकारों का हनन हुआ है।
ट्विन टावर गिराया जाना भ्रष्टाचार व बिल्डरों-अफसरों के लिए एक कड़ा संदेश है, लेकिन इससे जो अन्य सोसाइटियों में खरीदारों को धोखा दे चुके हैं, उन पर सीधे तौर पर कोई फर्क नहीं पड़ेेगा। जबकि इन पर कार्रवाई की जानी चाहिए। प्रोजेक्ट की शुरुआत में बिल्डर खरीदारों को जो स्थिति दर्शाकर फ्लैट बिक्री करता है, कब्जा मिलने तक उस जगह का नक्शा बदल दिया जाता है।
फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) और नक्शे में खेल कर आर्थिक लाभ के लिए सुविधा और सुरक्षा मानकों से खिलवाड़ किया जाता है। खरीदार सवाल उठाते हैं कि जब नक्शे में बदलाव कर सुविधाओं में कटौती की जाती है तो अफसर अनुमति क्यों देते हैं। इसकी शिकायत पर भी सुनवाई नहीं होती।
जिन सोसाइटियों में पहले नियम विरुद्ध निर्माण हुए हैं। उनकी भी जांच की जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, तभी भ्रष्टाचार के दम पर होने वाले अवैध व नियम विरुद्ध निर्माण पर रोक लग सकती है। ग्रेनो वेस्ट की कई सोसाइटियों में इस तरह से निर्माण हुए है। पूर्व में दी गई शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई और न ही आरटीआई के जवाब दिए गए। - अभिषेक कुमार, अध्यक्ष, नेफोवा
आर्थिक लाभ के लिए फ्लैट खरीदारों की सुविधाओं और सुरक्षा को ताक पर रख दिया जाता है। ट्विन टावर का गिराया जाना बिल्डर-अफसर के अनैतिक गठजोड़ पर वार है, लेकिन ऐसा भविष्य में न हो इसके लिए जिले की अन्य सोसाइटियों में सर्वे कराकर नियमों का उल्लंघन मिलने पर दोषियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। तभी भ्रष्टाचार के दम पर खड़े होने वाले निर्माण पर रोक लगेगी। - अन्नू खान, अध्यक्ष, नेफोमा