नॉलेज पार्क स्थित आईटीएस कॉलेज के छात्र हर्षित सिंह ने एक ही इंजन का प्रयोग कर उससे दोगुनी बिजली पैदा करने का कारनामा कर दिखाया है। जेनसेट में सापेक्ष गति के नियम का पालन कर दोगुनी ऊर्जा बनाई है। कॉलेज प्राध्यापकों की टीम के निर्देशन में बने इस इनोवेशन को ‘रेल जनरेटर’ का नाम दिया है। इसे देशभर में विख्यात नेशनल प्रोजेक्ट कंपटीशन (आईपीसी) अवार्ड समेत समेत दस से अधिक पुरस्कार मिल चुके हैं।
आईटीएस कॉलेज के प्राध्यापक और हर्षित के मेंटर प्रोफेसर महीप सिंह ने बताया कि इस खोज का पेटेंट कराया गया है। आईपीसी अवार्ड जीतने पर भारत सरकार की ओर से छात्र को आगे की पढ़ाई के लिए स्टडी वीजा पर जापान भेजा जाएगा। प्रवेश से लेकर वहां रहने, खाने का खर्चा भी उसे दिया जाएगा। हालांकि, कोविड-19 की वजह से अभी उसका जाना नहीं हो पा रहा है। वर्तमान में हर्षित आईटीएस कॉलेज में बीटेक इलेक्ट्रिकल तीसरे वर्ष का छात्र है।
महीप सिंह ने बताया कि हर्षित ने अपने इनोवेशन में सापेक्ष गति के सिद्धांत का प्रयोग किया है। सामान्य जेनसेट में जहां कॉइल पर स्थित स्टेटर पर रोटर घूमता है। वहीं, छात्र ने स्टेटर को उल्टी दिशा में घुमाया। इसमें ईंजन को 20 फीसदी अधिक कार्य जरूर करना पड़ता है लेकिन इससे करीब दोगुनी (1.8 गुना) बिजली पैदा होती है।
स्टार्टअप कंपनी बनाई
इस इनोवेशन को आगे बढ़ाने के लिए हर्षित ने एक स्टार्टअप कंपनी बनाई है। उसने बताया कि कॉलेज के प्रोफेसरों की न्यू जेन आईईडीसी टीम ने हमेशा प्रोत्साहित किया है। डॉ. महीप ने बताया कि छात्र को अभी तक कई राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार मिल चुके हैं।